राहुल गांधी की डांट के बाद 120 से अधिक पदाधिकारियों ने भेजा सामूहिक इस्तीफा..!

लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अडिग अध्यक्ष राहुल गांधी  को पार्टी के नेता मनाने में लगे हुए हैं। अब उनके बयान के एक दिन बाद कांग्रेस के 120 से अधिक पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा भेज दिया है। इस्तीफा देने वालों में दिल्ली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया से लेकर ओवरसीज कांग्रेस के सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ शामिल हैं। 
अन्य प्रमुख नामों में बिहार कांग्रेस के प्रभारी सचिव वीरेंद्र राठौड़, ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी सचिव अनिल चौधरी, यूपी के पूर्व प्रभारी सचिव प्रकाश जोशी, मीडिया पैनलिस्ट संजय चोपड़ा आदि शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने पार्टी की युवा इकाई के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहा था कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद भी कुछ मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं 
को अपनी जवाबदेही का महसूस नहीं हुआ उन्होंने कहा था कि पार्टी शासित राज्यों के कुछ मुख्यमंत्रियों, महासचिवों, प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं को अपनी जवाबदेही का अहसास नहीं हुआ। 
वहीं इससे पूर्व राहुल गांधी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के आवास 12 तुगलक लेन पर हुई बैठक में प्रभारी पीसी चाको, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित, कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ और राजेश लिलोठिया, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अजय माकन, जयप्रकाश अग्रवाल और अरविंदर सिंह लवली और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा शामिल हुए। इस बैठक में लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर कांग्रेस के प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। जबकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था। इसके बाद से वह लगातार इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं। जबकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे आग्रह किया है कि वह कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें।