भगवान हुए बीमार, अब 15 दिनों तक भक्त नहीं कर पाएंगे जगन्नाथ जी के दर्शन, 2 जुलाई को खुलेंगे पट

दिन ब दिन बढ़ती गर्मी से भगवान जगन्नाथ को निजता दिलाने के लिए बनारस में आज सुबह से ही श्रद्धालु उन्हें शुद्ध जल से स्नान कर रहे थे। महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए हैं। भगवान जगन्नाथ अब 15 दिनों तक आराम करेंगे। भगवान का जड़ी बूटियों, औषधियों से उपचार कराया जाएगा। इस दौरान भक्त उनके दर्शन नहीं कर सकेंगे।। आज शयन आरती के बाद बंद हुए पट 2 जुलाई को खुलेंगे और 3 जुलाई की सुबह से शुरू होगा प्रसिद्द रथयात्रा मेला।
रविवार की रात के तीसरे पहर प्रभु जगन्नाथ, सुभद्रा व बलभद्र को मंदिर गर्भगृह की छत पर उत्तर पूर्व स्थित स्नान वेदी पर विराजमान कराया गया। सोमवार की सूर्योदय के साथ गणपति प्रभु समेत तीनों विग्रहों की सविधि पूजन-अर्चन व आरती की गई। शापुरी परिजन सहित ट्रस्टियों ने पंच पल्लव मिश्रित गंगा जल के 108 मटकों से स्नान कराया। इसके साथ भक्तों के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए और प्रभु को स्नान कराने का कार्य शुरू हुआ।
15 दिन आराम करने के बाद भगवान स्वस्थ होकर अपने ससुराल के लिए निकल जाएंगे। साथ में बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र भी होंगे। भगवान आज अर्धरात्रि को बीमार होंगे। माना जाता है भगवान जगन्नाथ की लीलाएं मनुष्य जैसी है। मनुष्य रूप में ही रहते है। इसी वजह से मनुष्य पर लागू होने वाले सभी प्राकृतिक नियम उन पर भी लागू होते हैं। जगन्नाथ धाम मंदिर में तो भगवान की बीमारी की जांच करने के लिए प्रत्येक दिन वैद्य भी आते हैं। काढ़े के अतिरिक्त फलों का रस भी दिया जा रहता है। दिन के दो बार आरती से पहले भगवान जगन्नाथ को काढ़े का भोग लगाया जाता है। वहीं रोज शीतल लेप भी लगया जाता है।
सुबह से निरंतर स्नान-विधान के बीच प्रभु को दोपहर 12 बजे पूड़ी-सब्जी, मालपुआ, पेड़ा का भोग लगाया गया। दोपहर 12 से तीन बजे तक आराम दिया गया। आरती बाद जलाभिषेक और शाम छह बजे पुन: दूध, मिश्री, किसमिस, फल का भोग लगा कर आरती उतारी जाएगी। जल अभिषेक का क्रम पुन: शुरू होगा जो रात नौ बजे तक चलता रहेगा।
परंपरानुसार मंदिर के पट 2 जुलाई को सुबह खोले जाएंगे। मंगला आरती के बाद भक्तगण श्वेत झांकी के दर्शन पाएंगे। सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक प्रभु को परवल के जूस का भोग लगाया जाएगा। पूर्ण स्वास्थ्य फायदा के बाद प्रभु, भाई- बहन संग तीन दिनी विहार पर जाएंगे। इसकी अगली भोर 3 जुलाई से काशी में रथयात्रा का तीन दिनी मशहूर मेला शुरू हो जाएगा