200 किलो आम रस पीने से भगवान हो गए बीमार, वैद्य ने स्वास्थ्य की जांच करके बताया 15 दिन का 'बेड रेस्ट'

 
इन दिनों पूरे राजस्थान में भीषण गर्मी से लोग खासे प्रभावित हो रहे हैं, वहीं जीव जन्तु भी हलकान हैं। इस बीच राजस्थान के कोटा जिले के एक मंदिर में विराजे भगवान भी गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो गए हैं। वैध ने स्वास्थ्य की जांच करके इन्हें 15 दिन का 'बेड रेस्ट' बताया है। ऐसे में मंदिर के पट 23 जून तक के लिए बंद कर दिए गए हैं ताकि यहां कोई शोर ना हो और भगवान के स्वास्थ्य में जल्द ही सुधार हो सके।

कोटा के रामपुरा के मंदिर में बीमार हुए हैं भगवान

आपको बता दें की ये मामला कोटा के रामपुरा स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर का है। यहां पर 7 जून को मंदिर में विराजे भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को करीब 200 किलो आम रस का भोग लगाया गया था। नतीजा ये  रहा कि भगवान की तबीयत बिगड़ गई। वैद्य को बुलाया गया। जहां पर उन्होंने भगवान की नाड़ी की जांच की और फिर लौंग-तुलसी से इलाज शुरू किया।

23 जून तक यहां पर बंद रहेंगे मंदिर के पट

वैद्य ने भगवान के स्वास्थ्य में सुधार के लिए कम से कम 15 दिन तक लगना बताया है। ऐसे में मंदिर में शोर ना हो इसके लिए यहां न केवल मंदिर की घंटियों को कपड़े से बांध दिया गया बल्कि यहां पर रात साढ़े नौ बजे शयन दर्शन के बाद मंदिर के कपाट भी 23 जून तक के लिए बंद कर दिए है।

औषधि का लगा रहे हैं भोग

अब वैद्य लोग रोजाना मंदिर आकर भगवान के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। इसके साथ ही भक्तों को मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन के दौरान शांत रहने के निर्देश दिए हैं। शनिवार से भगवान के बालस्वरूप की नियमित देखभाल की जा रही है। रोजाना बतौर औ​षधि तुलसी, लौंग और काली मिर्च का भोग लगाया जा रहा है। भगवान के इलाज की प्रक्रिया 15 दिन तक लगातार इसी तरह जारी रहेगी।

25 जून को निकलेगी रथयात्रा

कोटा रामपुरा के जगदीश मंदिर के अधिष्ठाता एसके चिरंजीवी के अनुसार यहां भगवान के स्वास्थ्य में सुधार होने पर 23 जून की शाम साढ़े सात बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। भगवान के दर्शनों की प्रक्रिया शुरू ​हो जाएगी। इसके अगले दिन हवन होगा। 25 जून की सुबह साढ़े 7 बजे मंदिर परिसर से पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी।