करोड़पति कचौड़ी वाला केवल 25 गज के घर में ही करता है गुजारा

वाणिज्य कर विभाग एसआईबी की जांच में करोड़पति निकले कचौड़ी वाले  का परिजन 25 गज के घर में गुजर बसर कर रहा है। तंग गली में स्थित मुकेश कचौड़ी वाले के घर तक आप कार से तो दूर दोपहिया वाहन से भी नहीं जा सकते हैं। 15 सदस्यों के जीविको-पार्जन का मुख्य स्त्रोत कचौड़ी की दुकान ही है। बेशक एसआईबी की जांच में मुकेश कौचड़ी वाले का सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये आंका गया हो, किन्तु रहन-सहन व पारिवारिक स्थिति को देखकर नहीं लगता है कि उसका टर्नओवर 60 लाख रुपये सालाना होगा। 
सीमा टाकीज के पास कचौड़ी की दुकान लगाने वाले मक्खन लाल के बड़े बेटे मुकेश कुमार कचौड़ी की दुकान संभालते हैं। पिता मक्खन लाल का पुराना कारोबार है, जिसको तीनों बेटे मिलकर चला रहे हैं। तकरीबन डेढ़ साल पूर्व पिता मक्खन लाल ने बेटों को कारोबार सौंप दिया था। बेटों ने मिलकर कारोबार को बड़ा रूप दिया। शिकायत पर वाणिज्य कर विभाग एसआइबी की टीम ने मुकेश कचौड़ी की जांच की, जिसमें सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये दर्शाया गया है। एसआईबी की जांच दुकानदार परेशान है।
तंग गली में है घर

शक्ति नगर गूलर रोड पर एक तंग गली में मुकेश कचौड़ी वाले का पुरानी मकान है। एक कमरा नीचे व एक कमरा ऊपर बना हुआ है, जिसमें वह बच्चों के साथ रहते हैं। इसी घर के बराबर में इतने ही गज में पिता मक्खन लाल ने तकरीबन 15 वर्ष पहले दो कमरों का मकान बनाया है, जिसमें दोनों बेटे व खुद रहते हैं। 

परिवार में कुल 15 सदस्य 

मक्खन लाल के परिजन में बच्चों के लेकर बड़ों तक कुल 15 सदस्य रहते हैं। पांच बच्चे स्कूल जाते हैं। 15 सदस्यों के परिजन के भरण-पोषण का एकमात्र साधन यही कचौड़ी की दुकान है। तीनों भाइयों के साथ ही पिता भीकार्य में हाथ बंटाते हैं। शिकायत कर लोगों ने निकाली दुश्मनी मुकेश कुमार के पिता मक्खन लाल ने कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर उनकी शिकायत की और दुश्मनी निकाली है।किन्तु भगवान पर भरोसा है वह जो करेंगे अच्छा करेंगे। अधिकारियों ने जांच की, किन्तु अब इसके आगे मुझे भरोसा है कि सब अच्छा होगा।

मुकेश के पिता मक्खन लाल की जुबानी

शहर में मुझसे ज्यादा कारोबार करने वाले लोग हैं। जीएसटी अधिकारियों ने पूरे दिन बैठकर पड़ताल की। पूरे दिन की सेल पांच हजार रुपये ही निकली। आखिर पांच हजार रुपये रोजाना की सेल पर जीएसटी में पंजीयन कैसे मुमकिन है। अधिकारियों ने करोड़पति बता दिया और घर का खर्चा चलाना मुश्किल होता है। करोड़पति कचौड़ी वाले के घर की दीवार की सीमेंट उखड़ रही है। करोड़पति होते तो किसी अच्छी जगह घर बनाकर रहते। एक सप्ताह से गली मोहल्ले के लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। 

हमें नहीं पता जीएसटी क्या है..

मुकेश के पिता मक्खन लाल ने कहा कि मेहनत कर अपना कार्य करते हैं और परिवार का गुजारा कर रहे हैं। इससे पूर्व हमें जानकारी नहीं थी कि जीएसटी क्या होता है। 40 लाख रुपये सालाना टर्न ओवर होने पर पंजीयन लेना होता है, किन्तु हमरा टर्नओवर तो 20 लाख रुपये भी सालाना नहीं है। 

बोले अधिकारी 

कचौड़ी वाले की जांच शिकायत के आधार पर हुई थी। अधिकारियों ने दुकान पर जाकर जांच की थी। आवास व परिवारिक स्थिति से जांच के बीच कोई  सम्बन्ध नहीं है। जीएसटी में पंजीयन के लिए कचौड़ी वाले ने आवेदन कर दिया है।