फ्लाइट लेफ्टिनेंट थापा के पार्थिव शरीर के लिए थम गई आंखें

एयरफोर्स के मालवाहक विमान एएन-32 हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा का पार्थिव शरीर सोमवार को भी फरीदाबाद पहुंच नहीं सका है। राजेश थापा के पिता हरी थापा, चाचा रविद्र सहित कुछ दोस्त आसाम के जोरहाट में ही हैं। हाउसिग बोर्ड सेक्टर-23 स्थित राजेश थापा के घर पर इस वक्त उनकी दादी रामा माया थापा व माता शिवा थापा ही हैं। ऐसे में दादी-मां की आंखें अपने लाडले के अंतिम दर्शन को भी पथरा गई हैं। अब ऐसी खबर भी आ रही है कि शहीद हुए वायुसेना कर्मियों के शवों का अंतिम संस्कार जोरहाट में ही किया जाएगा और शहीदों के परिजनों को उनके अस्थि कलश सौंपे जाएंगे। जोरहाट में उपस्थित शहीदों के परिजन इसका विरोध कर रहे हैं। 

दिवंगत राजेश थापा के पड़ोसी शशिकांत ने कहा कि उनकी जोरहाट में राजेश के पिता हरि थापा से लगातार बात हो रही है, उन्हीं से यह जानकारी मिली है, जबकि शहीदों के परिजन शव साथ ले जाने पर अड़े हुए हैं। शशिकांत के मुताबिक मौसम खराब होने के वजह से वहां राहत कार्य में जुटे सैन्यकर्मियों को बहुत दिक्कत हो रही है। शहीद वायुसेना कर्मियों में से किसका शव निकाला जा चुका है और किसका नहीं, अभी इस बारे में भी स्थिति साफ नहीं है। बता दें कि तीन जून को जोरहाट से उड़ान भरने के कुछ ही वक्त बाद विमान गायब हो गया था और कुछ दिनों बाद इस विमान के हादसे का शिकार होने की खबर आई थी। विमान में क्रू सहित 13 लोग सवार थे।