एक्सप्रेसवे बस हादसा : हर तरफ थी चीख-पुकार, लथपथ थे मासूम, दर्दनाक हैं मंजर

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर से तेज रफ्तार ने कहर बरपाया। तेज रफ्तार बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना ज्यादा भीषण था कि लोगों का दिल दहल गया। हादसे में सात यात्रियों की मौत हो गई। 40 से अधिक लोग घायल भी हो गए हैं। इन सभी घायलों में कई बच्चे भी शामिल हैं।
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना ग्रस्त बस बिहार से राजस्थान के जयपुर जा रही थी। उस बस में 70 से ज्यादा लोग सवार थे। ज्यादातर लोग श्रमिक ही थे। ये सभी लोग रोजी-रोटी की तलाश में जयपुर के तरफ जा रहे थे। कई लोग अपने ही परिवार के साथ थे। मंजिल पर पहुंचने से पहले ही हादसे ने उनका रास्ता रोक लिया।
सुबह का ही वक्त था। ज्यादातर लोग गहरी नींद में भी थे। घायलों ने ये बताया कि उन्हें तेज झटका महसूस हुआ। जब आंख खुली तो मंजर देख सन्न रह गए। हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। मासूम बच्चे खून से लथपथ थे। जो लोग बस में आगे की सीटों पर बैठे थे, उनमें से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
घटनास्थल पर स्थानीय लोग जुट गए। पुलिस को सूचना देने के साथ ही लोग राहत बचाव कार्य में भी जुट गए। यूपीडा के कर्मचारी और पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। घायलों को एंबुलेंस से फतेहाबाद के अस्पताल भिजवाया गया। कई लोगों को आगरा भी रेफर कर दिया गया। जहां पर दो घायलों ने दम भी तोड़ दिया।
अभी तक बस हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो चुकी है। अभी कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस का ये कहना है कि अभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं हादसे की वजह तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना बताया जा रहा है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे हादसों का एक्सप्रेसवे बनता जा रहा है। आए दिन लोगों के हादसे हो रहे हैं। ज्यादातर हादसों का कारण तेज रफ्तार, चालक को झपकी आना और एक्सप्रेसवे पर वाहन खड़ा होना होता है। 21 जून को भी एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार खड़े ट्रक में घुस गई थी। उस घटना में तीन युवकों की जान चली गई थी।