घर आनी थी दुल्हन, लेकिन पहुंच गया भाई का शव, दूल्हे ने मेहंदी लगे हाथों से ही भाई की चिता को दिया मुखाग्नि

बरेली में सड़क हादसे में मारे गए उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के बेटे अंकुर और उसके दोस्त परविंदर गिरि उर्फ मुन्ना (28) की अंत्येष्टि बाजपुर श्मशानघाट में की गई। मुन्ना की चिता को छोटे भाई रवि गिरि और मासूम बेटे आशु ने ही मुखाग्नि दिया।
दूल्हे के मेहंदी लगे जिन हाथों को दुल्हन के गले में जयमाला पहनानी थी, उन हाथों ने सगे भाई की चिता को मुखाग्नि दिया। यह देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। परिवार में बरात की खुशियां मातम में बदल गईं।
मुन्ना गिरि के मझले भाई रवि गिरि की बुधवार को काल्हा गोरखपुर निवासी रामजन्म गिरी की पुत्री से शादी होनी थी। परिवार के लोग शादी की खुशियों में व्यस्त ही थे। मुन्ना छोटे भाई रवि गिरि की शादी समारोह का पूरा जिम्मा संभाले हुए था और बेहद खुश भी था। हादसे की सूचना पर परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
बताते हैं कि दूल्हे के जीजा और चालक बरेली से पहले एक होटल में भोजन करके बरात वाली गाड़ी में बैठे थे। मुन्ना गिरी की मौत को लेकर परिजन सदमे में है। परिवार के लोग रोते हुए कहे रहे हैं कि बृहस्पतिवार को दुल्हन की डोली आनी थी। लेकिन ईश्वर को मंजूर नहीं था और दूल्हे के भाई मुन्ना का शव घर पहुंच गया।
दूल्हे के भाई मुन्ना की मौत को लेकर मोहल्ला सुभाषनगर शोक में डूबा गया है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता भी लगा हुआ है। बताते हैं कि मुन्ना ने दूसरे समाज की युवती से सात साल पहले प्रेम विवाह किया था।