बेटी की शादी से एक दिन पहले बाप ने किया शादी, जानिए क्या था कारण

मध्यप्रदेश के अशोक नगर में शुक्रवार को एक बेहद अनोखी शादी देखने को मिली। यहां पर 55 साल के पिता ने बेटी की शादी से एक दिन पहले 50 साल की लिवइन पार्टनर के साथ ही सात फेरे लिए। ताकि वह अपनी बेटी का कन्यादान सामाजिक संस्कृति से कर सकें। सुनने में ये बड़ा अजीब है लेकिन यह सच है।
दरअसल, मुंगावली के रुहाना गांव में रहने वाले परमाल सिंह लोधी की बारात शुक्रवार को अपने ही घर पहुंची। दुल्हन बनीं 50 साल की सुनीता बाई लोधी। यह दंपति पिछले 25 साल से लिवइन में था। दोनों ही पति-पत्नी के रूप में साथ तो रह रहे हैं,लेकिन उन्होंने मंडप के नीचे सात फेरे नहीं लिए थे। दोनों के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी कल्लो 18 साल की है, जबकि सबसे छोटा बेटा दीपक 10 साल का है।

पंडित ने कहा था की बिना शादी किए कन्यादान नहीं ले सकते
पिता की शादी के बाद ही शनिवार को बेटी कल्लो की शादी हुई। जिसमें अपनी बेटी का कन्यादान पिता परमाल ने ही  किया। इसकी शुरुआत तब हुई, जब एक दिन पहले पंडित और रिश्तेदारों ने कहा कि पिता अपनी बेटी का कन्यादान नहीं कर सकता है। पूछने पर पंडित ने बताया कि पिता ने लड़की की मां के साथ सात फेरे नहीं लिए हैं। इसलिए सनातन संस्कृति के अनुसार वह कन्यादान का हकदार नहीं है। इसके बाद परमाल ने बेटी की शादी से पहले अपनी शादी का निर्णय लिया और घर के ही मंडप में सात फेरे लिए।

घर पर बारात, घर के ही लोग बाराती बन गए

सुनीता का कन्यादान गांव के हलका सेन ने ही किया। परमाल की शादी भी रीति-रिवाज से ही हुई। बारात में बैठने के लिए घोड़ा नहीं मिला तो साइकिल पर बैठकर दुल्हन के दरवाजे तक पहुंचे। घर के 25-30 सदस्य बाराती बने। बारात घर पहुंची, जहां पर बारात का चाय और नमकीन से स्वागत किया। पंडित रामनिवास भार्गव ने रीति-रिवाज से शादी भी कराई। इसके अगले दिन 15 जून यानि की शनिवार को दंपति ने अपनी बेटी की शादी रीति-रिवाज से की। माता-पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान भी किया।

चार बच्चे बाराती बन गए, बैंड के बजाए तसले बजाए गए

पिता की शादी में जब बारात निकली गई तो गांव के लोगों सहित परिजन, रिश्तेदारों के अलावा बेटा, बेटी भी बारात में शामिल हुए। पिता की शादी में दो बेटे और बेटियों ने बाराती बनकर डांस भी किया। शादी सादगी के साथ हुई। बारात में बैंड की बजाय तसले बजाए गए। जिनकी धुनों पर बारातियों ने डांस किया।