पिता के जन्मदिन पर बेटी ने दिया लीवर, कनाडा से आया युवक इतना प्रभावित हुआ कि विवाह करने की जिद कर ली

गुजरात के सूरत में एक बेटी ने अपने पिता के जन्मदिन पर उन्हें लीवर देकर नई जीवन दी, तो कनाड़ा से सूरत आया एक युवक इतना प्रभावित हुआ कि उसी से ही शादी करने का निर्णय किया। आखिरकार, दोनों पक्षों को राजी हुए। 3 वर्ष पहले की ये कहानी आज भी जीवन में पिता की महत्ता बताती है। फादर्स डे पर भास्कर ने एक डायमंड कंपनी में मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुए विश्वजीत मेहता, उनकी बेटी भावी और तेजस से बातचीत की।
अडाजण निवासी विश्वजीत मेहता को 2014 में लीवर की समस्या हुई। 2016 में डॉक्टर ने लीवर ट्रांसप्लांट करवाने को कहा। विश्वजीत की बेटी भावी को इसकी खबर हुई तो उसने उन्हें लीवर देने का निर्णय किया। 12 मई 2016 को पिता के जन्मदिन पर भावी ने उन्हें लीवर दे दिया। भावी से प्रभावित होकर तेजस उनसे शादी करने कनाडा से आ गए थे।

 मैंने तय किया था कि शादी तो भावी से ही करूंगा
कनाडा में रहने वाले तेजस त्रिवेदी बताते हैं कि तीन साल पहले वे विवाह के सिलसिले में सूरत आए थे। यहां परिजनों ने रिश्ते के लिए कुछ स्थनों पर बात कर रखी थी। सभी परिवार सकारात्मक थे। उसी दौरान मुझे पता चला कि हमारे समाज की एक लड़की ने अपने पिता को लीवर डोनेट किया है। मैंने लड़की से मिलने का निर्णय किया। परिवार के सदस्यों ने मुझे बताया कि भावी ने लीवर डोनेट किया है। किन्तु, मैंने किसी की परवाह किए बिना शादी करने की जिद की। आज हम दोनों कनाडा में रह रहे हैं। 11 महीने का एक बच्चा भी है।

बेटी जिद पर अड़ गई, कहा- वह मुझे जिंदगी का सबसे बड़ा गिफ्ट देना चाहती है

लीवर प्रत्यारोपण के बाद पिता विश्वजीत मेहता कहते हैं- 'दुनिया में मेरी दो मां हैं। एक जन्म देने वाली है। और दूसरी मेरी मां बेटी, जिसने मुझे लीवर देकर नया जन्म दिया है। वह बताते हैं- 2014 में मुझे लीवर की दिक्कत का पता चला। मैं रिस्क लेकर परिवार के साथ सिंगापुर गया। वापस आने पर ऑपरेशन करवाना था। 10 लोग लीवर देने के लिए तैयार थे, किन्तु बेटी भावी ने जिद पकड़ ली कि वही लीवर देगी। उसने कहा कि ऑपरेशन वाले दिन आपका जन्मदिन है और मैं लीवर देकर आपको जिंदगी का सबसे यादगार तोहफा देना चाहती हूं। यह सुनकर दोस्तो ने कहा कि अपनी बेटी की जिंदगी क्यों खराब करना चाहते हो। इसके बावजूद मेरी बेटी ने ही मुझे लीवर दिया।

पिता का ऋण चुकाने का मौका मैं खोना नहीं चाहती थी
पापा के ऑपरेशन के एक दिन पहले मैं बहुत ही उदास थी। उसी ही दिन एक लड़की भी अपने पिता को लीवर डोनेट करने जा रही थी। मैं उससे मिलने गई। उसने मुझसे कहा कि तुम लकी हो, क्योंकि तुम्हें पिता का ऋण चुकाने का अवसर मिला है। सभी इतने भाग्यशाली नहीं होते हैं। तुम चिंता छोड़ो और पिता के साथ खड़ी रहो। सबकुछ अच्छा होगा। यह सुनकर मैं बहुत मोटिवेट हुई थी। उसके बाद मेरा डर गायब हो गया। उस वक्त मेरी जिंदगी में मेरे माता-पिता और संबंधियों को सिवाय कोई नहीं था। हम भविष्य में आने वाले व्यक्ति की चिंता करते हैं, किन्तु जन्म देने वाले की चिंता अधिक करनी चाहिए। लीवर देकर भावी ने अपने पिता से कहा मैं आपको जीवन का सबसे यादगार उपहार देना चाहती थी।

क्या है लीवर ट्रांसप्लांट

डोनर स्वस्थ्य लीवर में से कुछ भाग को डोनेट कर सकता है। किन्तु, डोनर की जिंदगी को खतरा रहता है। चूंकि, कुछ माह चुनौती भरे रहते हैं। जबकि बाद में लीवर सामान्य अवस्था में आ जाता है। लीवर ट्रांसप्लांट के लिए आलाव लीवर की जरूरत नहीं होती है।