इस व्यक्ति ने बिना बिजली का चलने वाला मिट्टी के देशी फ्रिज का किया निर्माण

आज के इस महंगाई वाले दौर में एक गरीबों के लिए फ्रिज खरीद पाना नामुमकिन सा लगता है. ऐसे में उनके लिए देशी फ्रिज का निर्माण किया गया है. जी हां, आपने सही पढ़ा देशी फ्रिज. छत्तीसगढ़ के एक मिट्टी कलाकार ने मिट्टी का देशी फ्रिज बनाया है. जिसमें कोई बिजली की जरुरत नहीं पड़ता है. इस फ्रिज में घरेलू और खाद्य समाग्री रखा जा सकता है. यह खबर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के गढ़बांसला गांव की है. मिट्टी का फ्रिज बनाने वाले माटी कला के विख्यात कलाकार परमेश्वर चक्रधारी हैं.
परमेश्वर चक्रधारी ने इस देशी फ्रिज का निर्माण लोगों की परेशानी को देखते हुए ही किया है. उसका कहना है की गर्मी के मौसम से खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता है. आंगनबाड़ी में दूध को सुरक्षित रखने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशानी होती है. इसी परेशानी को देखते हुए ही उसने धीरे-धीरे एक देसी फ्रिज का निर्माण किया, जो की पूरी तरह माटी से बना हुआ है.
उसने बताया कि कूलर की तरह इसके ऊपर के हिस्से में पानी भर दिया जाता है और नीचे के हिस्से में खाद्य पदार्थों को ही रखा जाता है पानी भरने के कारण पूरा फ्रिज नमी युक्त होता है और उसके अंदर ठंडकता बनी रहती है जिससे की खाद्य सामग्री खराब नहीं होता. इस फ्रिज की मांग में बड़ी संख्या में लोग कलाकार के पास पहुंचने लगे हैं. लेकिन अभी तक इसकी ब्रिकी के लिए व्यवसायिक उत्पादन शुरू नहीं किया गया है.
आपको बता दें कि परमेश्वर चक्रधारी को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है. देश भर में इनके द्वारा बनाए हुए माटी कला के सामान विक्रय किए जाते हैं. परमेश्वर चक्रधारी परम्परागत सामग्री के साथ साथ उन्नत श्रेणी की मूर्तियां, खिलौने, सजावटी वस्तुए एवं उपयोगी सामग्री का भी निर्माण करते हैं.