कहीं आपने भी तो इस वीडियो को 'हिंदुओं पर मुस्लिमों के जुल्म' की तरह शेयर नहीं किया

खून से भीगी सफेद बनियान. गरदन और कंधे से निकलता हुआ खून. साथ में सलवार-कमीज पहने एक लड़की. उसके भी शरीर पर खून. लड़का कह रहा है – कहीं कोई कारवाही नहीं है सर.
ये एक वायरल वीडियो का कॉन्टेंट है. इसे हिंदू-मुसलमान ऐंगल से काफी शेयर किया जा रहा है. शेयर करने वाले अधिकतर लोग इसे एक मुसलमान के हाथों हिंदुओं पर हुआ अपराध बता रहे हैं.

क्या है इस वीडियो में?

ऊपर हम बता चुके हैं. जख़्मी हालत में एक लड़का-लड़की दिखते हैं. बातचीत से लगता है, दोनों भाई-बहन हैं. दोनों के शरीर से खून बह रहा है. लड़की बार-बार गिरने को हो रही है, लड़का उसे पकड़कर संभाल रहा है. इन दोनों की किसी से बात हो रही है. जिससे बात हो रही है, वो दिख नहीं रहे. कैमरे के दूसरी ओर हैं. बातचीत से लगता है, उनमें पुलिस के भी लोग हैं. बातचीत कुछ यूं है-

शेयर करने वाले क्या लिख रहे हैं?
ये बहुत सांप्रदायिक लाइन पर शेयर हो रही है. अधिकतर शेयर करने वालों का अंदाज ऐसा है कि देखो इन ‘मुसलमानों’ को! देखो, ये ‘मुसलमान’ क्या कर रहे हैं! कुछ लोग तो सीधे-सीधे ‘मुसलमान’ लिख रहे हैं. बाकी कुछ ऐसे भी हैं, जो वीडियो में सुनाई देने वाले ‘मुसलमानी’ नामों को हाईलाइट करते हुए लिख रहे हैं. ऐंगल वहीं सांप्रदायिक है. लोग कह रहे हैं कि देखो, पुलिस कितनी बेकार और निकम्मी है. कुछ वीडियो शेयर करते हुए हिंदुओं को जवाब देने के लिए ललकार रहे हैं. कुछ मुस्लिमों को गालियां दे रहे हैं. ‘वो तो ऐसे ही होते हैं’ टाइप मेसेज भी शेयर हो रहे हैं.

असलियत क्या है?
वायरल वीडियो सुनते हुए हमें ‘महींगवा थाने’ का नाम सुनाई देता है. महींगवा एक स्थान है लखनऊ में. मतलब ये उत्तर प्रदेश का मामला है. हमने तलाश किया, तो लखनऊ पुलिस के ट्विटर हैंडल पर भी हमें ये वीडियो मिल गया. और इसी लिंक के एक ट्वीट में हमें वीडियो की कहानी मालूम चली. ये ट्वीट खुद लखनऊ पुलिस ने किया है. 

इसमें लिखा है-
थाना क्षेत्र इटौंजा में घर के सामने खेल रहे बच्चे/युवक आपस में लड़ गए थे. उसी को लेकर दो पक्षों (एक ही संप्रदाय मुस्लिम) में झगड़ा व मारपीट हुई थी. इस संबंध में समय वीडियो में दिख रहे पक्ष (शाहरुख और शबनम) द्वारा थाना इटौंजा पर रात 1.25 बजे तत्काल मु.अ.स. 185/2019 धारा 308, 323, 504, 506 IPC का अभियोग पंजीकृत किया गया था. अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हेतु तत्काल टीम गठित कर आवश्यक विधिक कार्रवाई/धड़पकड़ की जा रही है. मामले में की जांच सीओ बी के टी को सौंपी गई.

यानी वीडियो में जो लड़का दिख रहा है, उसका नाम शाहरुख है. और उसकी बहन का नाम है शबनम. इनके परिवार की वहीं रह रहे कुछ लोगों से झगड़ा हुई. इसी मारपीट में ये दोनों भाई-बहन भी जख्मी हुए.

इस ट्वीट में लखनऊ पुलिस ने खुद ही घटना के बारे में बता दिया.
लखनऊ पुलिस ने इसी थ्रेड में एक और ट्वीट किया है. इसमें लिखा है- उक्त प्रकरण के संबंध SHO इटौंजा द्वारा अवगत कराया गया कि मजरूब को डॉक्टरी हेतु भेजा गया है. मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है. जरूरी विधिक कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने जिस तरीके से शाहरुख और शबनम से बात की, जैसे उन्हें टरकाया, जिस तरह उन्हें जख़्मी देखकर भी सहायता नहीं की, वो बबहुत गंभीर मसला है. पुलिस को उन्हें डॉक्टरी इलाज के लिए ले जाना चाहिए था. फिर उनका बयान दर्ज़ किया जाना चाहिए था. मगर ये अलग मसला है. शेयर करने वालों में से इक्का-दुक्का ही इस ऐंगल से सोचते मिले.
पिटने वाले घायल भाई-बहन हिंदू नहीं थे. ये हिंदुओं पर मुसलमानों के अत्याचार का मामला नहीं है. पिटने वाला भी मुसलमान था और पीटने वाला भी मुसलमान था. बस इतना घटना  को सुनकर ही कइयों की इस ख़बर से दिलचस्पी बिल्कुल मर जाएगी. एक मामला तो ऐसा मिला, जिसमें पोस्ट करने वाले ने अपनी पोस्ट डिलीट कर ली. नीचे की तस्वीर में शुभम नाम के एक व्यक्ति ने यूपी पुलिस को ऐसा ही ट्वीट किया, जवाब मिला, तो उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट करने की अति-समझदारी दिखाई.
पीड़ित और अपराधी का जाति देखकर संवेदना तय करना, कितना क्रूर और वीभत्स है ये. क्या इन लोगों को ऐसे मामलों का इंतज़ार रहता है? क्या वो चाहते होंगे कि ऐसे मामले हुआ करें, खूब हुआ करें, ताकि उन्हें ज़हर उगलने का अवसर मिले?

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