सीएम के चलते नौशाद ने जूली की मांग में भरा सिंदूर, जानिए कारण..!

बिधूनू थानाक्षेत्र के कठेरूआ गांव में जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया है, जहां पर गंगा-जमुनी की जीती जागती मिशाल दिखी। कुल्हौली मझावन गांव निवासी पूतन खां की बेटी जूली (20) ने पतारा नौरंगा निवासी सम्मू खां के बेटे नौशाद (24) संग हिंदू रीत रिवाज से ही हिंदू जोड़ों के साथ विवाह किया। जूली ने लाल जोड़ा पहना और नौशाद ने सिर पर सेहरे की जगह पगड़ी और मौर रखी। नौशान ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जूली की मांग में सिंदूर को भर सात जन्मों तक एक-साथ जीने-मरने की कसम खाई।

दहेज प्रथा से मिली आजादी
मझावन गांव के निवासी पूतन खां ने ये बताया कि उनकी आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी। बेटी जूली के लिए वर की तलाश कर रहे थे। लेकिन दहेज के कारण बेटी के साथ कोई शादी करने को तैयार नहीं था। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के बारे में भी हमें बताया। बेटी व परिवार को लेकर भी हम यहां आए। पतारा नौरंगा निवासी सम्मू खां के बेटे नौशाद ने जूली को भी पसंद किया। इन दोनों ने हिंदू रीत रिवाज से शादी करके सर्वधर्म समभाव की मिसाल रखी। पूतन कहते हैं कि सामूहिक विवाह से दहेज प्रथा जैसे बीमारी से मुख्यमंत्री गरीब को बचा रहे हैं।

पहले हैं हिन्दुस्तानी 

नौशाद ने जूली के साथ सात फेरे लेने के बाद ये कहा कि हम और हमरा दिल हिन्दुस्तानी है। दोनों ने कहा कि हमने हिंदुस्तान में जन्म लेकर यहां का अन्न खाया और यहीं की धरती में पले बढ़े। हिंदस्तान में सभी भाई-भाई हैं, तो एक दूसरे के रिवाज अपनाने में कौन सा हमको गलत महसूस होगा। जूली कहती हैं कि कुछ लोग हमें बांटना चाहते हैं, पर इसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि कोई इसे उखाड़ नहीं सकता। इस नवदंपती के अंदर देश प्रेम की अनोखी झलक देख सभी ने तालियों से उनका स्वागत किया।