आजम खान के गढ़ को धमाकों से दहलाने की साजिश, भारी मात्रा में मिले हथगोले और विस्फोटक सामग्री

शाहबाद कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को खबर मिली थी कि कुछ लोग खरसोल गांव के जंगल में एक नलकूप पर देसी बम बना रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस ने उस स्थान पर छापा मारते हुए मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि तीन आरोपी गायब हो गए। 
पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में हथगोले जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तलाश में जुटी हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि कहीं रामपुर को दहलाने की साजिश तो नहीं थी, क्योंकि रामपुर में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

शाहबाद पुलिस के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के खरसौल गांव में के जंगल में बम बनाने की सूचना मुखबिर से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने छापा मारा तो मौके प्लास्टिक के बोरों में भरे लगभ 30 से 40 देसी बम और बम बनाने की सामग्री मिली। इस दौरान पुलिस ने एक युवक जमीर मियां को भी मौके से गिरफ्तार किया,किन्तु उसके तीन साथी फरार हो गए। 

भारी मात्रा में बम मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे एसपी डॉक्टर अजय पाल शर्मा ने तत्काल बम निरोधक दस्ते को बुलाकर हथगोलाें को निष्क्रिय कराया। साथ ही विस्फोटक सामग्री को कब्जे में ले लिया। एसपी डाॅ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि विस्फोटक सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

आखिर कहां होना था हथगोलों का इस्तेमाल, पुलिस के लिए बनी पहेली

इस पूरे मामले में डॉ. अजय पाल शर्मा का कहना है कि अभी यह तलाश की जा रही है कि जंगल में हथगोले किस लिए बनाए जा रहे थे और इनका प्रयोग कहां होना था। साथ ही यह भी पता लगाने का कोशशि किया जा रहा है कि किसके इशारे पर यह हथगोले बनवाए जा रहे थे और इसके लिए विस्फोटक सामग्री कहां से जुटाई गई थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरान आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

2007 में आतंकी हमले से दहला था रामपुर

बता दें कि उत्तर प्रदेश का रामपुर जिला पहले से आतंकियों के निशाने पर रहा है। यहां 2007 में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमला हो चुका है। उस दौरान सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हुए थे। हमले के तार पाकिस्तानी आतंकियों से जुड़े होने का खुलासा हुआ था। 

वहीं खरसौल गांव के जूनियर हाई स्कूल में 24 जनवरी 2017 को विस्फोट हुआ था। उस दौरान भी अवसर पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल के बाद लौट गई थी। कहा जा रहा है कि आतंकी हमले के बाद जिले में एक-दो घटनाएं अवश्य हुई, किन्तु इतनी बड़ी मात्रा हथगोले और विस्फोटक सामग्री पहली बार बरामद हुई है।