ये भूतिया बंगला बताता है लोगों की मरने की तारीख, जानिए इस बंगले का राज

दुनिया में विश्वास है तो अंधविश्वास भी है. कुछ सही होते हैं तो कुछ झूठे होते हैं जिन्हें आप ये कह सकते हैं. वैसे ही इस दुनिया में आज हम आपको बता रहें देवभूमि उत्तराखंड के अबोट मांउट की कहानी, जहां सदियों पुराना एक राज आज भी खामोशी से सांसे ले रहा है. इसी के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि ये एक भूतिया जगह है जो काफी मशहूर भी है. तो आपको भी बता देते हैं इसके बारे में.
दरअसल, उत्तराखंड के अबोट माउंट के एक रहस्यमयी बंगले से जो आवाजें सुनाई देती है, वो कमजोर दिल वालों के होश उड़ा देने के लिए काफी है. उस रहस्यमयी बंगले का नाम है एबी. एबी के वजह से अबोट माउंट के इस गांव को हिन्दुस्तान के 10 सबसे डरावनी स्थनों में शुमार किया जाता है. 
आपको बता दें, ऐबी को आज से तकरीबन 111 साल पहले यानी साल 1905 में बनाया गया था और इस बंगले में रहते थे एक अंग्रेज डॉक्टर मौरिस. इसके बाद कुछ समय के बाद वर्ष 1921 में इस बंगले को अस्पताल में बदल दिया गया. हैरानी की बात ये है कि यहीं से शुरू होती है इसकी खौफनाक कहानी.स्थानीय निवासी डॉ रवि सिन्हा बताते हैं कि एक समय में डॉक्टर मौरिस ऐबी बंगले में लोगों का इलाज करते थे 
उनका कहना है कि डॉक्टर मौरिस के पास कुछ अजीब सी शक्तियां भी थीं. मैरिस का संपर्क सीधे रहस्यमयी आत्माओं से था, जिसके वजह से उन्हें पहले ही पता लग जाता था कोई मनुष्य किस दिन मरेगा. इसी रहस्य के वजह से डॉक्टर मौरिस बंगले के जिस कमरे में रहते थे, उसे मुक्ति कोठरी कहते हैं. इस मामले में बरसों पुरानी किंवदंती है कि उसी मुक्ति कोठरी में डॉक्टर मौरिस इंसानों के शरीर की चीरफाड़ करते थे. इसका रहस्य आज तक बना हुआ है.