यहाँ इंसानों के मित्र हैं सांप, करते हैं घर की रखवाली

सांप का नाम आते ही मन में एक डर उत्तपन्न हो जाती है और यदि सांप सामने आ जाए तो इंसान अपनी जान बचाने की सोचता है। किन्तु बरेली में एक गाँव ऐसा भी है जहाँ के लोग सांप से डरते नहीं है बल्कि साँपों से इनकी दोस्ती है। यहाँ के लोग सांप पालते है और घर में पले नागदेवता ही इनके घरों की रक्षा करते हैं। शायद यही वजह है कि गाँव में तमाम लोगों के घरों पर दरवाजे भी नहीं है। इस गाँव के नागदेवताओं की ख्याति इतनी है कि दूर दराज से लोग यहाँ पर साँपों को दूध पिलाने पहुंचते है। गाँव के लोगों का साँपों से तालमेल देख कर लोग हैरत में पड़ जाते हैं।

सांप करते हैं रखवाली
शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर भोजीपुरा क्षेत्र का गाँव अधकटा ब्रह्मनान मिश्रित आबादी वाला गांव है किन्तु यहाँ पर लगभग 250 घर नाथ जाति के लोगों के भी है। इन लोगों के घरों में दरवाजे नहीं है बताते है कि इन घरों की रक्षा स्वयं नागदेवता करते हैं। इन घरों में सांप घर के सदस्यों की तरह ही रहते है। 

रात में ये लोग साँपों को खुला छोड़ देते हैं और सांप ही इनके घरों की रक्षा करते हैं। घर के लोगों की गंध सांप जानते है यदि बाहर का कोई भी घर में प्रवेश की प्रयास करता है तो सांप फुफकार मार कर सतर्क कर देते हैं। इन परिवार के लोगों का साँपों से गहरा लगाव रहता है जो इन्हे विरासत में मिला है।

सर्पों से तुरंत हो जाती है दोस्ती
गाँव के रहने वाले राजू और तेजवीर ने बताया कि साँपों की तमाम प्रजाति पाई जाती है जिसमे से लगभग 68 ही विषैली प्रजाति के होते हैं। उन्होंने बताया कि साँपों से दोस्ती करना उन्हें विरासत में मिला है। सांप भी इंसानों की भाषा को समझते है। जब नाग अपना फन फैलाता है तो ये लोग उँगलियों के इशारे पर ही उसे काबू में करते हैं। 

ये लोग गाँव और आस-पास के क्षेत्र में कहीं भी सांप निकलने की सूचना तुरंत पहुंचते हैं और सांप को पकड़ कर अपने घर ले आते हैं और एक दो माह सांप की पूजा करते हैं जिसके बाद सांप इनके परिवार के सदस्य की तरह ही हो जाता है और परिवार के लोगों की आहट भी पहचानने लगता है। गाँव में मौजूद नाथ परिवारों में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जिसके यहाँ पर दो-चार सांप न हो।

दूर दूर से आते हैं लोग

गाँव में एक मंदिर भी बना है जिसके गुंबद पर भी नागदेवता विराजमान है। नागपंचमी पर यहाँ पर दूर दूर से लोग साँपों को दूध पिलाने आते हैं। यदि किसी को सांप और बिच्छू काट ले तो इस गाँव के लोग तुरंत उसका इलाज़ कर उसे ठीक कर देते हैं।