गंगा में डूबकर चचेरी बहनों की मौत, सेल्फी के लालच में गईं गहरे पानी में और फिर..

मेजा के देवहटा घाट पर रविवार सुबह गंगा नहाने गईं दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के थोड़ी देर पहले ही उन्होंने पानी में सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया था। लोगों को घाट पर उनका मोबाइल पड़ा मिला था। जानकारी पर परिजनों समेत ग्रामीणों की जुट गई। गोताखोरों को पानी में उतारा गया। लगभग घंटे भर बाद दोनों के शव पानी से निकाले जा सके। हादसे से घर में कोहराम मचा हुआ है। 
देवहटा गांव के रमेश चंद्र मिश्र जिला कचहरी में अधिवक्ता हैं। उनकी इकलौती बेटी स्वपनिल (21) और उसकी चचेरी बहन एशस्वी (13) दोनों रविवार सुबह गंगा नहाने गईं थी। इस दौरान दोनों ने पानी में नहाते वक्त सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। अचानक एशस्वी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। यह देख स्वपनिल उसे बचाने को आगे बढ़ी तो वह भी गहरे पानी में चली गई। 
देखते-देखते दोनों बहनें डूब गईं। हादसे की खबर फैली तो घाट पर परिजनों समेत गांववाले जुट गए। सूचना पर सीओ उमेश वर्मा और मेजा कोतवाल मनोज कुमार पाठक भी पहुंच गए। गोताखोरों को बुलाया गया। उन्होंने जाल डाला तो पहले एशस्वी का शव मिला। लगभग घंटे भर के प्रयास के बाद स्वपनिल की लाश भी बरामद हो गई। 
दोनों के शवों को देख परिजनों में तहलका मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दोनों बहनें हंसते-खिलखिलाते मोबाइल से फोटो खींच रहीं थीं। एशस्वी छोटी थी, लिहाजा चंचलता में वह गहरे पानी की ओर बढ़ गई और स्वपनिल से फोटो खींचने को कहा। इसी दौरान वह हाथ-पैर मारने लगी। पानी में किनारे पर नहा रही स्वपनिल पहले तो समझ नहीं पाई, किन्तु जब उसने एशस्वी को डूबने-उतराते देखा तो वह घबरा गई। 
आननफानन में उसने मोबाइल घाट पर फेंका और एशस्वी को बचाने के लिए आगे बढ़ी। स्वपनिल एशस्वी तक पहुंच ही गई थी कि तब तक वह भी गहरे पानी में जा चुकी थी। घाट पर उपस्थित लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक दोनों बहनें पानी में समा चुकी थीं। हादसे की खबर फैली तो परिजनों के साथ ग्रामीण मौके पर जुट गए। 
घाट पर पड़े मोबाइल को खोला गया तो कुछ देर पहले ली गई दोनों बहनों की सेल्फी सामने आ गई। हंसते-मुस्कुराते चेहरों वाली सेल्फी देख-देखकर परिजन और चींख-चींख कर रोने लगे। यह देख वहां उपस्थित लोग भी गमगीन हो गए। स्वपनिल के पिता अधिवक्ता रमेश चंद्र मिश्र और एशस्वी के पिता कुलदीप मिश्र भी बदहवास होकर घाट पर ही खड़े रहे। इसी दुख की घड़ी में बदहवास परिजनों ने पुलिस से दोनों बहनों के शवों के पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद देवहटा गंगा घाट पर ही स्वपनिल और एशस्वी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।