मजदूर को मिल गया 29 कैरेट 46 सेंट का हीरा, अब बन गए हैं करोड़पति लेकिन अभी भी....

पन्ना की धरती का इतिहास बताता है कि यहां कब किस गरीब मजदूर की किस्मत बदल जाए यह कोई नही जानता। पन्ना की रतनगर्भा धरती बेशकीमती हीरा उगलने में देश और दुनिया में विख्यात है। जिले के एक मजदूर को शुक्रवार को 29 कैरेट 46 सेंट का हीरा मिला है। हीरे की अनुमानित राशि डेढ़ से दो करोड़ रुपए बताई जा रही है। मजदूर पिछले 25 साल से खदान में खुदाई कर रहा था। अब हीरा मिलने के बाद उसकी किस्मत बदल गई है। खदान संचालक मजदूर बृजेश ने पन्ना पहुंचकर हीरा कार्यालय में हीरा जमा करवा दिया है। पन्ना के खनिज अधिकारी आरके पांडेय ने हीरा कार्यालय में पदस्थ पारखी से हीरे की जांच कराकर वजन कराया। इस हीरे की अनुमानित कीमत डेढ़ करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है।
बता दें कि पन्ना की रत्नगर्भा धरती से पिछले 15 दिन में लगभग ढाई करोड़ से ज्यादा के हीरे निकल चुके हैं। किशोर कुमार को लगातार पहले 4.04 और फिर 5.69 कैरेट के हीरे मिले थे। अभी दो दिन पूर्व समरीन खान को 5.68 कैरेट का हीरा मिला। शुक्रवार को दोपहर में बड़ा बाजार निवासी बृजेश उपाध्याय, जो कृष्ण कल्याणपुर में हीरा खदान लगाए हुए थे। जब सुबह मिट्टी व कंकड़ को साफ कर रहे थे तब उनका किस्मत चमक गई। चाल की बिनाई चल रही थी कि अचानक एक बड़ा चमकदार नायाब रत्न नजर आया। जैसे ही नजर पड़ी खदान मालिक खुशी के मारे फूले नहीं समाए। कलेक्टर ने बताया कि उपाध्याय ने इस हीरे को यहां हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है और जल्द ही इसे बेचने के लिए नीलामी में रखा जाएगा। इस हीरे की नीलामी से जो भी पैसा मिलेगा, उसमें से टैक्स काट कर बृजेश उपाध्याय को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से खदानों को खोदने का संचालन कर रहा है, ताकि उसे उनमें हीरे मिल सकें।

पिछले 25 साल से कर रहा हूं काम
बृजेश उपाध्याय ने कहा मैं हीरा खोजने के लिए खदानें खोदने के काम का संचालन करता हूं। पिछले करीब 25 साल से यह काम कर रहा हूं। मैं मजदूरों से भी खोदने का काम करवाता हूं और खुद भी खदानें खोदता हूं। ये हीरा मुझे खदान की खुदाई के दौरान मिला है। इससे पहले भी मुझे खदानों की खुदाई के दौरान 4 से 5 सेंट के छोटे-छोटे हीरे मिल चुके हैं। लेकिन इतना बड़ा हीरा पहली बार मिला है।