किसी और के बच्चे को पीठ पर लाद 3 घंटे तक पढ़ाती रही प्रोफ़ेसर, वजह थी बड़ी नेक

कई महिलाओं को ये ग़लतफ़हमी होती हैं कि एक बार यदि वो माँ बनी गई और उनका बच्चा हो गया तो जॉब या पढ़ाई छूट जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हैं. दुनियांभर में कई माँ ऐसी भी हैं जो बच्चे होने के बावजूद अपनी पढ़ाई और नौकरी मजे से कर रही हैं. हाँ इसमें आपके साथ दुसरे लोगो का सपोर्ट और सोच भी बड़ी होना जरूरी हो जाता हैं. लेकिन वो कहते हैं ना जहाँ चाह हैं वहां राह भी हैं. बस ऐसा ही कुछ Georgia Gwinnett कॉलेज में पढ़ रही हैं एक स्टूडेंट के साथ भी हुआ. इस विशेष घटना में कॉलेज की प्रोफ़ेसर डॉ. रामत सिसोको सिसे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अब वे एक सोशल मीडिया स्टार बन गई. आइए विस्तार से जाने आखिर ये माजरा क्या हैं.
दरअसल इन दिनों इन्टरने पर एक तस्वीर बड़ी तेजी से वायरल हो रही हैं. इस फोटो में एक टीचर क्लासरूम के अंदर बच्चों को पढ़ाई नज़र आ रही हैं. तस्वीर में ध्यान खीचने वाली बात ये हैं कि इस टीचर ने अपनी पीठ पर एक कपड़े बाँध रखा हैं जिसमे एक छोटा सा बेबी बैठा हैं. यानी इस बच्चे को पीठ पर लाद टीचर स्टूडेंट्स को पढ़ा रही हैं. दिलचस्प बात ये हैं कि इस प्रोफ़ेसर ने अपनी तीन घंटे की क्लास में पुरे समय बच्चों को उठा कर ही स्टूडेंट्स को पढ़ाया हैं. अब कहानी में ट्विस्ट ये हैं कि यह बच्चा उस प्रोफ़ेसर यानी डॉ सीसे का नहीं हैं. बल्कि ये उनकी एक स्टूडेंट का हैं. दरअसल वो स्टूडेंट अपने बच्चे को गोद में लेकर क्लास में नोट्स लिख रही थी. पर ऐसा करने में उसे थोड़ी दिक्कत भी हो रही थी. यह बात प्रोफ़ेसर सीसे ने नोटिस की और उन्होंने बच्चे को अपनी पीठ पर उठा लिया ताकि उनकी छात्रा आराम से नोट्स लेकर पढ़ाई कर सके.
बायोलॉजी की असि‍स्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. सिसे बताती हैं कि स्टूडेंट ने उनसे पूछा था कि क्या वो क्लास में अपने बच्चे को ला सकती हैं? मैंने उसे इसकी अनुमति दे दी थी क्योंकि उसकी पहले ही बहुत सी क्लास मिस हो गई थी और परीक्षा भी नजदीक आ रही हैं. ऐसे में मैं नहीं चाहती थी कि वो पढ़ाई में पीछे बैठ जाए. इसके बाद जब वो क्लास में बच्च्चा लाइ तो कुछ देर सब ठीक था. फिर डॉ सीसे ने नोटिस करना कि स्टूडेंट को बच्चा गोद में रखकर लिखने में थोड़ी दिक्कत हो रही हैं. ऐसे में उनके अंदर की ममता जाग उठी. उन्होंने अपनी लैब का कोट लिया और उसमे बच्चे को बैठा पीठ के सहारे बाँध दिया. इस तरह बच्चे की माँ ने आराम से नोट्स लिख लिए.

डॉ सीसे का ये नेक काम उस समय वायरल हुआ जब उन्ही की बेटी ऐना ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा “मेरी माँ मेरी रोल मॉडल हैं.” बस इसके बाद प्रोफ़ेसर सीसे कई सारी महिलाओं की रोल मॉडल बन गई. सोशल मीडिया अपर प्रोफ़ेसर की बहुत तारीफ़ हो रही हैं. दोस्तों यदि आपको भी कभी किसी माँ की मदद करने का मौका मिले तो जरूर करे. आखिर उन्हें भी पढ़ाई और जॉब में आगे बढ़ने का पूरा हक हैं.