छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्रामीणों ने सुरक्षा बल के जवानों पर लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्रामीणों ने सुरक्षा बल के जवानों पर एक गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने रविवार को हिरोली में हुए एनकाउंटर को फर्जी बताया है। ग्रामीणों का बोलना है कि इस फर्जी एनकाउंटर जो युवक मारा गया है वो नक्सली नहीं बल्कि एक ग्रामीण है। ग्रामीणों का आऱोप है कि जवानों ने इस युवक की मर्डर कर दी है व फिर इसे नक्सली करार कर दिया है। अब ग्रामीण इस सारे मुद्दे में कार्रवाई की मांग कर रहे है। वहीं एफआईआर नहीं होने पर मंगलवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है।

ग्रामीणों ने मृत शरीर लेने से भी किय इंकार
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को किरंदुल थाना क्षेत्र के हिरोली इलाके में डीआरजी व जिला पुलिस बल के जवान व नक्सलियों के बीच एनकाउंटर की बात कही गई थी। जवानों ने ये दावा किया था कि एक नक्सली का मृत शरीर भी बरामद किया गया है। सोमवार को मृत शरीर की पहचान गुड्डी के रूप में हुई। मृत युवक के परिजनों ने दावा किया है कि गुड्डी नक्सली नहीं है बल्कि मेहनतकश है। परिजनों का बोलना है कि पुलिस वक्त पुलिस एनकाउंटर की बात कह रही है उस वक्त गुड्डी 15 साथियों के साथ सड़क में मुरुम डालने के कार्य में लगा था। हिरोली में हुए एनकाउंटर को ग्रामीणों ने पूरी तरह से फर्जी बताया है।

गोली चलाने वाले जवानों पर कार्रवाई की मांग
हिरोली इलाके के ग्रामीणों का बोलना है कि गांव के युवक गुड्डी को फर्जी एनकाउंटर में जवानों ने मारा है। ग्रामीण अब गोली चलाने वाले जवानों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे है। ग्रामीणों का बोलना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही युवक का मृत शरीर लिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को कुछ लोग जबरदस्ती गुड्डी को बंधक बनाकर साथ ले गए जहां पहले से जवान उपस्थित थे। फिर युवक को गोली मार दी गई। बताया जा रहा है कि इस फर्जी मुठभेड़ को लेकर हिरोली ग्राम में हजारों लोगों की बड़ी मीटिंग भी हुई है। समाज सेवी सोनी सोरी ने भी ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं होगी तो मंगलवार को जिला मुख्यालय में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।