खाई में कार गिर गई जिसमें पति-पत्नी थे, लेकिन पुलिस एक बात से है काफी हैरान

महू जिले में जाम दरवाजे के नजदीक जाम पंचायत के पास रविवार रात हुए हादसे के बाद खरगोन निवासी दोनों मृतकों सुधीर गुजराती और उनकी पत्नी प्रीति के शव सोमवार को खाई से बाहर निकाले जा सके। यह शव करीब डेढ़ हजार फुट गहरी खाई में थे, जिन्हें पुलिस ग्रामीणों की मदद से ऊपर तक ला सकी। इसके बाद महू में ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। वहीं हादसे में बच निकली युवती दीपिका के बयान लिए गए। हालांकि पुलिस इस मामले को एकाएक हुआ हादसा भी नहीं मान रही है, जिसके पीछे बहुत सी संभावित वजहें नजर आ रही हैं।
रविवार रात करीब साढ़े सात बजे जाम दरवाजे से करीब साढ़े तीन सौ मीटर दूर बांई ओर की खाई में एक कार गिरी। इस कार में खरगोन के सुधीर गुजराती और उनकी पत्नी प्रीति के साथ मंडलेश्वर की युवती दीपिका कुशवाहा बैठी हुई थी। दीपिका इस हादसे में बच निकली, वह समय रहते बाहर निकल आई थी। हादसे के बाद पहले तो पुलिस ने हादसे के शिकार हुए लोगों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया और बाद में जब उनके शव करीब डेढ़ हजार फुट नीचे मिल गए तो वहां से वापस ऊपर लाने की कवायद शुरू हुई। इस ऑपरेशन में पूरी रात लगी और आखिरकार सुबह छह बजे के आसपास दोनों के शव ऊपर लाए जा सके। इसके बाद शवों को पीएम के लिए मध्यभारत अस्पताल लाया गया जहां मृतकों के परिजन भी पहुंचे।

क्यों लगता है यह मामला असामान्य
- क्योंकि सुधीर अपनी पत्नी और युवती के साथ जहां बैठे थे वहां लोग अमूमन नहीं जाते।

- क्योंकि सुधीर ने अपनी कार खाई से महज दो-चार फुट दूर ही खाई की ओर रोकी थी जो कि बेहद असामान्य है।

- क्योंकि सुधीर ने वहां शराब भी पी और हो सकता है कि वे पहले से भी शराब पिए हों। ऐसे में वे गाड़ी इस जगह क्यों उतारते, जबकि उनकी पहचान एक समझदार नागरिक की थी।

- क्योंकि सुधीर ने गाड़ी रिवर्स करने की बजाए आगे कैसे बढ़ा दी, जबकि वे काफी समय से गाड़ी चलाते रहे हैं।

- क्योंकि सुधीर जैसे समृद्ध व्यवसायी के लिए दीपिका से फेसबुक पर हुई दोस्ती इतनी अहम कैसे हो गई, जबकि दीपिका बेहद साधारण परिवार से है।

- क्योंकि दीपिका को ज्यादातर परिजन पहचानने से इंकार कर रहे थे।