नेता-अफसर गोरा रंग देख इसको समझते थे रशियन, छोटे कपड़ों पर हो जाते लट्टू...फिर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर से उजागर हुए हनी ट्रैप केस में पकड़ी गईं पांचों महिलाओं के बारे में कई चौंका देने वाले खुलासे हो रहे हैं। पांचों में से एक आरोपी महिला बरखा सोनी भटनागर को तो उसके जिस्म का सौदा करने वाले नेता,अफसर और रसूखदार उसे रशियन समझ लेते थे, क्योंकि वह रूस की किसी हाई प्रोफाइल मॉडल की तरह लग्जरी लाइफ जीती थी।

बेहद आलीशान होटलों और पार्टियों में ले जाते
छोटे कपड़े पहनकर पाटियों में जाती। आंखों में अक्सर लेंस लगाती और अपने गोरे रंग फायदा उठाकर खुद को रशियन बताने में से पीछे नहीं रहती थी। मीडिया रिपोर्टर्स के अनुसार पुलिस पूछताछ में बरखा सोनी ने स्वीकार किया कि उसके गोरे रंग की वजह से नेता, अधिकारी और रसूखदार लोग उसे रशियन समझ लेते थे और इसकी वजह से उसे कई बार बेहद आलीशान होटलों और पार्टियों में ले जाते थे। जब बरखा के हुस्न पर फिदा हो जाते थे तो शुरू होता संबंध बनाने व उनके अश्लील बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल।

आंखों में नीले रंग के लेंस भी लगाती
जब बरखा को लगने लगा कि लोगों पर उसके रशियन लुक का जादू छाने लगा है कि उसने अपने बालों को भी ऐसे स्टाइल से कटवा लिया था, जिससे कि वह पूरी तरह से रशियन लगे। बालों में हमेशा रशियन महिलाओं की तरह कलर भी करवा कर रखती थी। यही नहीं बल्कि बरखा सोनी अक्सर अपनी आंखों में नीले रंग के लेंस भी लगाती थी, जिससे वह पूरी तरह विदेशी लगे, क्योंकि अमतौर पर भारतीयों की आंखों की पुतलियां नीले रंग की नहीं होतीं।

बातचीत के लहजे से पकड़ी जाती
बरखा सोनी अक्सर पार्टियों में छोटे कपड़े पहन कर ही जाती थी ताकि किसी को शक न हो कि वह भारतीय है. उसने यह भी बताया कि लहजे में रशियन एक्सेंट न होने की वजह से कई बार उसे झूठ भी बोलना पड़ता था कि वह लंबे समय से भारत में रह रही है। इसी वजह से उसकी बोली में रशियन एक्सेंट नहीं आता।

कॉलोनी के लोग भी समझते थे विदेशी
बरखा सोनी के पड़ोसियों का कहना है कि जब सुबह वह कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग के लिए निकलती थी तो सभी मिलने वालों को अंग्रेज़ी में ही गुड मार्निंग विश करती थी। उसकी लाइफ स्टाइल से लेकर कपड़े पहनने के तरीके तक, सब कुछ बेहद हाई प्रोफाइल रहता था। पड़ोसियों की मानें तो कई दफा उसे देख कर कॉलोनी में रहने वाले लोग भी भ्रमित हो जाते थे कि वह भारतीय है या विदेशी।

जानिए क्या है एमपी हनी ट्रैप कांड
मध्य प्रदेश में असफर, नेताओं और रसूखदारों को हुस्न के जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाने वाले पूरे कांड का नाम ही मध्य प्रदेश हनी ट्रैप केस 2019 है, जिसका खुलासा 18 सितम्बर 2019 को गिरोह में शामिल भोपाल से बरखा सोनी भटनागर, जयपुर निवासी श्वेता स्वप्निल जैन, सागर निवासी श्वेता विजय जैन और 19 सितम्बर 2019 को इंदौर से राजगढ़ निवासी बीएससी स्टूडेंट मोनिका यादव और छतरपुर निवासी आरती दयाल की गिरफ्तारी से हुआ है। पांचों महिलाएं अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के धंधे में लिप्त थीं।