बाप ने चार लाख रुपये देकर कहा- बेटी को खत्म करो, अब उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं है

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की पुलिस ने ऑनर किलिंग के एक मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इन आरोपियों ने चार लाख रुपये के लिए प्रेमी जोड़े की निर्ममता से हत्या कर दी थी। पैसे के लिए की गई यह हत्या उसी पिता ने करवाई थी जिसको बेटी का खुद की मर्जी से किसी से प्यार करना नागवार गुजर रहा था। उसने आरोपियों को चार लाख रुपये दिए और साजिश रचकर बेटी और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतारवा दिया।
पिछले 14 जुलाई को बलरामपुर क्षेत्र के कंडा जंगल में एक किशोरी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मारी गई युवती झारखंड के छतरपुर जिले के ग्राम अमवा निवासी अकबर हुसैन की बेटी सगुफ्ता परवीन उर्फ सोनम थी। झारखंड के लातेहार जिले में भोला साव नाम के युवक की लाश मिली थी। जब मामले की जांच शुरू हुई तो दोनों हत्याओं के तार जुड़े नजर आए। सगुफ्ता और भोला के बीच प्रेम संबंध थे। अलग मजहब के होने की वजह से सगुफ्ता के पिता को यह बात किसी भी शर्त पर मंजूर नहीं थी। जब बाप को पता चला कि बेटी खुद की मर्जी से किसी से प्यार कर बैठी है तो उसने उससे सारे रिश्त नाते तोड़ दिए और दोनों को मौत के घाट उतरवाने की ठान ली।

ऐसे साजिश रचकर की हत्या 
19 मई को सगुफ्ता और भोला घर से भागे और करीब एक महीने तक इधर-उधर भटकते रहे। सुनियोजित तरीके से अजीमुल्ला अंसारी ने पूर्व परिचित भोला साव व सगुफ्ता को घर में लगभग 15 दिनों तक शरण दी थी, तब तक आरोपियों को सुपारी की रकम मिल चुकी थी। किशोरी और उसके प्रेमी की हत्या कर सौदा चार लाख में मृतका के पिता ने यह कहते हुए तय किया था कि उनकी बेटी ने उनके मान-सम्मान को ठेंस पहुंचाया है, जिस कारण दोनों को जीने का कोई हक नहीं है।

हत्यारों ने शिक्षक से लिया था मदद 
अजीमुल्ला अंसारी के घर से किशोरी को लेकर भोला साव कहीं दूर ले जाने की बात कर निकला था। चूंकि आरोपियों ने हत्या की सुपारी ले ली थी, इसलिए जलाल अंसारी, जिन्न्त हुसैन व अजीमुल्ला ने इनका पीछा किया गया और रमकंडा के जंगल में घेरकर लिया। हत्या को अंजाम देने के लिए शगीर अंसारी व इकबाल अंसारी को बुलाया गया था। शगीर अंसारी द्वारा कैश नामक शिक्षक से मदद मांग उसकी स्कार्पियो के चालक पहलवान को भी इस षडयंत्र में शामिल किया गया। रमकंडा जंगल से हथियार के बल पर दोनों को बारेसांड़ थाना के सुगाबांध जलप्रपात के पास ले जाया गया था। यहां शगीर अंसारी ने भोला साव को गोली मारी और इकबाल अंसारी ने चाकू से उसका गला रेता। यहां से सभी पस्ता थाना के कंडा जंगल पहुंचे थे और अजीमुल्ला ने यहां सगुफ्ता को गोली मार दी।