लड़की को पुलिस वाले ने कमरे में बुलाकर कही ऐसी बात, अब पुलिस ही पुलिस वालों के पीछे पड़ गई...

कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना इलाके के पूर्व एसओ औऱ क्राइम ब्रांच में तैनात दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किय़ा गया है। आरोप है कि रेप पीड़िता युवती से इन दोनों ने बंद कमरे में दुर्व्यवहार किया था। दोनों के खिलाफ नेबुआ-नौरंगिया थाने में पॉक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आपको बता दें कि नेबुआ-नौरंगिया थाने इलाके के एक गांव में 21 मई 2013 को एक चौदह वर्षीय किशोरी से गांव के ही युवक द्वारा दुष्कर्म का मामला सामने आया था। 
आरोप है कि घटना के बाद पीड़िता सुबह थाने पहुंची थी। परिजनों के साथ में होने के बाद भी तत्कालीन थानेदार जैसराज यादव ने पीड़िता को अकेले कमरे में आरोप है कि उससे कई सवाल ऐसे पूछे जो युवती को हैरानी भरे लगे। किशोरी के अनुसार थानेदार ने पूछा कि दुष्कर्म कहां हुआ था, कैसे हुआ था। जिसके बाद पीड़िता ने इसकी शिकायत तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से किया था।

इतना ही नहीं मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष भी हुए 
कलमबंद बयान में भी पीड़िता ने वो सारी बातें दर्ज कराईं थी जो थानेदार ने उससे पूछा था। मामला लंबे समय तक चलने के बाद खिलाफ जांच का आदेश हुआ। हैरानी की बात ये रही की एसओ के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच के दरोगा राजेन्द्र तिवारी को सौंपी गई। उन्होने मामले में पूरी हीलाहवाली किया। आखिरकार मामले सीबीसीआईडी को सौंपा गया। लंबी लड़ाई के बाद आरोपों को सही पाया गया। विभागीय जांच में एसओ को दोषी पाये जाने के बाद अब सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह ने एसओ जैसराज यादव व क्राइम ब्रांच के दरोगा राजेन्द्र तिवारी पर पास्को एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।