जिन्होंने खुशी दी वही ले गए उसके आंगन की सोनचिरैया, जानिए क्या है पूरा मामला

निसंतान दंपति की आंखों से लगातार आंसू निकल रहे थे। महज कुछ माह पहले उन्हें माता-पिता बनने की जो खुशी मिली वह एक ही झटके में छीन ली गई। हालांकि यह खुशी हासिल करने के लिए उन्होंने कानून का भी सहारा लिया था लेकिन फिर भी उन्हें यह खुशी वापस नहीं मिल पा रही है। बेटी को गोद लेकर उन्होंने उसे अपना सबकुछ मान लिया था लेकिन बेटी का पिता एक दिन उनके घर पहुंचा और उनकी खुशियां छीनकर अपने घर ले आया। अब दंपति अपनी बेटी और घर की खुशी मांगने के लिए पुलिस के दरबार में पहुंच गए हैं। मामला किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुसमा खेड़ा और नई दिल्ली के कुंदन नगर से जुड़ा है। 
ग्राम कुसुमाखेड़ा निवासी प्रदीप चौहान पुत्र जगरूप सिंह वर्तमान में नई दिल्ली के कुंदन नगर में गली नंबर-2, मकान नंबर 40ए में रह रहे हैं। वह और उनकी पत्नी वंदना दिल्ली के प्राइवेट कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी। शादी के बाद प्रदीप की पत्नी मां नहीं बन सकी तो उन्होंने एक बच्ची को गोद लेने का फैसला कर लिया। बीती 21 मई को क्षेत्र के खिदरपुर निवासी संजय सिंह की छह वर्षीय पुत्री दिया उर्फ वैष्णवी को गोद ले लिया। उन्होंने दिया के मां-बाप से इसका रजिस्टर्ड गोदनामा निबंधक कार्यालय सदर मैनपुरी में कराया था। बच्ची को गोद लेने के बाद प्रदीप और उनकी पत्नी वंदना दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने बच्ची का एडमिशन करा दिया। घर के आंगन में दिया के रूप में खुशियां आ गई थीं। दंपति बेहद खुश थे।

मां के पास छोड़ दिया, वापस लेने गया तो कर दिया इंकार
किशनी 16 सितंबर को प्रदीप दिया को लेकर अपने गांव आया। वहां से वह दिया को मां से मिलाने के लिए भी खिदरपुर गया। जहां मां ने दिया को एक दिन अपने साथ रखने की इच्छा जाहिर की। प्रदीप दिया को गांव छोड़कर अपने घर आ गया। दो दिन बाद वह दिया को लेने पहुंचा तो मां और पिता ने दिया को साथ भेजने से इंकार कर दिया। यह सुनते ही प्रदीप के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित ने तीन दिन लगातार परिजनों से मनुहार की और दिया को साथ भेजने के लिए कहा। लेकिन अब दिया के माता-पिता उसे देने के लिए तैयार नहीं है। उधर बालिका के पिता का कहना है कि बच्ची उनके साथ जाने के लिए तैयार नहीं है। परेशान दंपति गुरुवार को किशनी थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की तहरीर दी। थाना प्रभारी पीआर शर्मा का कहना है कि दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश की जा रही है। सुलह न होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।