बेटा गया था नशा छुड़ाने लेकिन जिंदगी छोड़ गया, जानिए ऐसा क्या हुआ था

सोलन के औद्योगिक शहर परवाणु के सैक्टर-1 में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में पिछले दिनों नशा छुड़वाने के लिए दाखिल हुए जसविंद्र सिंह की मौत मामले में बुधवार को जसविंद्र की पत्नी कुलविंद्र कौर व अन्य परिजनों ने परवाणु में डीएसपी से मुलाकात की और इस मामले में न्याय करने की गुहार लगाई। इस दौरान कुलविंद्र कौर ने उसके पति के साथ मारपीट कर मौत के घाट उतारने वाले लोगों को सजा दिलाने की मांग की। इसके अलावा कुलविंद्र कौर ने परवाणु पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उसने कहा कि उसके पति की मौत को करीब एक महीने का समय बीत चुका है लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई है।

स्ट्रेचर पर ही छोड़ कर भाग गए थे नशा मुक्ति केंद्र के लोग
उसने कहा कि जब उसके पति को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए लाया गया था तो उस दौरान उसके साथ नशा मुक्ति केंद्र की ओर से 3 लोग आए थे जो उसके पति को अधमरी हालत में अस्पताल के गेट के पास स्ट्रेचर पर ही छोड़ कर भाग गए थे। बता दें कि जसविंद्र सिंह को नशा छुड़वाने के लिए परवाणु के नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाया था और इस दौरान उसकी हालत गंभीर हो गई और चंडीगढ़ अस्पताल में मौत हो गई।

मृतक की पत्नी व रिश्तेदारों ने उठाया ये सवाल
मृतक की पत्नी ने सवाल खड़े किए हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसका पति बीमारी की चपेट में था और उसके कारण भी उसकी मौत हुई हो सकती है, ऐसे में यदि वह बीमारी की चपेट मेें था तो नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई और उसके साथ मारपीट क्यों की गई। कुलविंद्र कौर व अन्य रिश्तेदारों ने सवाल खड़े किए कि इलाज के दौरान चिकित्सक द्वारा तैयार की गई फाइल के अनुसार जसविंद्र मरने से पहले 2 दिन से ही बेहोश था, ऐसे में इस बारे में उन्हें सूचित क्यों नहीं किया गया औैर बेहोश होने के 2 दिन तक आखिर उसके साथ क्या होता रहा।

मामला दबाने के लिए 2 लाख रुपए की पेशकश
जसविंद्र के परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि नशा मुक्ति केंद्र की ओर से मामले को दबाने के लिए कभी 2 लाख तो कभी 50 हजार रुपए की पेशकश की गई है, जिसकी उनके पास फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

नशा मुक्ति केंद्र में अंदर से लगा लिया ताला
बुधवार को जब जसविंद्र सिंह के परिजन परवाणु पहुंचे तो इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र में बात करनी चाही लेकिन जैसे ही नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें आता देखा तो गेट के अंदर से ताला लगा दिया, जिस पर परिजनों ने परवाणु पुलिस को सूचित कर मौके पर बुलाया।

फाइनल ओपिनियन पर टिका सारा मामला
इस मामले में परवाणु पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जसविंद्र को किसी बीमारी के साथ-साथ मारपीट होने की भी पुष्टि हुई है लेकिन उसकी मौत किससे हुई यह स्पष्ट नही हुआ है। इसके लिए पुलिस एसएफएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही फाइनल ओपिनियन सामने आ सकेगा।