चमत्कारी बालाजी मंदिर में चोरी करना पड़ गया महंगा...जानिए ऐसा क्या हुआ

फतेहपुर कस्बे में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार महीने पहले चमत्कारी बालाजी में हुई चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए शातिर चोर व सामान खरीदने वाले सुनार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चुराए गए छत्र भी बरामद कर लिए। डीवाईएसपी कुशाल सिंह ने बताया कि 27 मई को कस्बे में नवलगढ़ पुलिया के पास स्थित चमत्कारी बालाजी मंदिर में चोरी की वारदात हुई थी। चोरों ने आठ चांदी के छत्र व दानपात्र की नकदी चुरा ली थी। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। 
इसके बाद कोतवाल उदय सिंह यादव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। रेलवे स्टेशन नजदीक होने पर पुलिस को शक था कि आरोपी वारदात के बाद ट्रेन से फरार हो सकता है। ऐसे में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पर निगरानी की। इसके साथ ही सीकर, चूरू, झुंझुनूं सहित कई इलाकों में तलाश की लेकिन चोर का सुराग नहीं लगा। बुधवार को मंदिर के पास ही एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता दिखाई दिया तो कोतवाली पुलिस उसे थाने ले आई। गंभीरता से पूछताछ की व सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया तो उसका हुलिया मिल गया। 
पुलिस पूछताछ में उसने वारदात करना स्वीकार किया। चोरी के मामले में पुलिस ने झांसी के रहने वाले कल्याण उर्फ कबीरा पुत्र चंदन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पूछताछ में आरोपी ने चोरी का माल फागी के शिवराज सोनी को बेचना बताया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शिवराज सोनी को गिरफ्तार कर लिए उसकी निशानदेही पर चोरी के छत्र जब्त कर लिए। सीओ कुशाल सिंह ने बताया कि आरोपियों से कई वारदातें खुलने की संभावना है।

चोरी का माल खरीदने का मास्टर है शिवराज
पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के मामले में जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है वह चोरी का माल खरीदने में एक्सपर्ट है। कोतवाल उदय सिंह यादव ने बताया कि शिवराज सोनी के खिलाफ चोरी का माल खरीदने के आठ मामले पहले से दर्ज है। शिवराज पहले सांगानेर, निवाई, पीपलू पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। पुलिस ने चोरी के मामले में गिरफ्तार हुआ चोर कल्याण उर्फ कबीरा बहुत ही शातिर चोर है।
जेब काटते व मोबाइल चोरी की वारदात को वह मिनटों में अंजाम दे देता है। कोतवाल उदय सिंह यादव ने बताया कि पूछताछ में कल्याण ने बताया कि जेब तराशी व मोबाइल चोरी की वह अनगिनत वारदातें कर चुका है। वह जेब में किसी तरह का आईडी प्रूफ नहीं रखता है। कहीं पकड़ में भी आ जाएं तो गरीब होने का हवाला देकर छूट जाता है। झांसी पुलिस से संपर्क कर इसका क्रिमिनल रिकार्ड खंगाला जा रहा है।