बेटी को कमरे में बंद कर शादी में चले गए माता-पिता, वापस आये तो अंदर दिखा ऐसा मंजर

इंसान की जिंदगी में हादसा और इत्तेफाक दो ऐसी चीजें होती हैं जिसके बारे में इंसान को पता नहीं होता बस वो हो जाता है. इत्तेफाक और हादसे में फर्क इतना है कि हादसे में इंसान के साथ कुछ भी हो सकता है उसकी जान भी जा सकती है और इत्तेफाक में चीजें अच्छी भी हो सकती हैं और बुरी भी हो सकती हैं. कभी-कभी इंसान के जीवन में हादसे कुछ इस तरह हो जाते हैं कि फिर उसे पछताने के सिवा कुछ भी नहीं रह जाता है. इंसान को हमेशा कुछ सावधानियां बरतकर चलने की आदत होती है लेकिन कुछ हादसे ऐसे होते हैं जिनके बारे में इंसान कभी सोचता भी नहीं बस हो जाता है. बेटी को कमरे में बंद कर शादी में चले गए माता-पिता, चलिए बताते हैं क्या है ये पूरा मांझरा ?

बेटी को कमरे में बंद कर शादी में चले गए माता-पिता
मुंबई के उपनगरीय इलाके दादर में एक बड़ा हादसा हुआ, यहां पर रविवार यानी 12 मई को एक ऐसा हादसा हो गया जिसमें एक माता-पिता को पछताने के सिवा कुछ भी हासिल नहीं हो सकता. दरअसल एक अपार्टमेंट में रहने वाली 16 साल की छात्रा की दम घुटने से मौत हो गई. छात्रा की पहचान श्रावणी चावन के रूप में की गई है, पुलिस के मुताबिक उसके माता-पिता ने उसे कमरे का दरवाजा बंद करके कहीं बाहर चले गए थे कि वो शांति के साथ पढ़ सके. मगर इसी बीच उसके कमरे में अंदर से आग लग गई और उसे बचा पाना मुमकिन नहीं हो सका. 
श्रावणी के माता-पिता को रविवार को एक शादी में शामिल होना था और उसके लिए उन्होंने श्रावणी को उसकी पढ़ाई की वजह से घर पर ही छोड दिया. इसके साथ ही उन्होने उसका कमरा बाहर से बंद कर दिया कि कोई उसे डिस्टर्ब नहीं करे और फिर 1 बजकर 45 मिनट पर पांच फ्लोर के उस अपार्टमेंट में तीसरी मंजिल पर कहीं से आग लग गई. पांच मंजिल की इस बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर काफी हिस्से में आग लग गई थी और वो आग श्रावणी के कमरे तक पहुंच गई थी और वो बुरी तरह फंस गई. फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि श्रावणी के कमरे का दरवाजा बाहर से और अंदर से बंद था तो उसे बचा पाना मुमकिन नहीं हो पाया. इके अलावा घटनास्थल के पास केरोसिन का डब्बा भी पाया गया था.
आगजनी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी और जब उसे स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया गया तब तक उसकी जान चली गई थी. पुलिस के मुताबिक, उसके पिता वकोला थाने में पुलिस नायक के तौर पर काम करते हैं और इस घटना में इलेक्ट्रिक वायरिंग और घर के कई कीमती सामान भी जलकर राख हो गए हैं. फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे से भी ज्यादा समय लग गया और फ्लैट में केरोसिन का डिब्बा कहां से रखा गया इस मामले की भी जांच चल रही है.