मां-बेटी को बचाने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से खाली किया 50 फीट पानी से भरा हुआ कुआं

राजस्थान के दौसा जिले के सदर थाना इलाके भगलाई गांव में एक मां-बेटी को बचाने के लिए ग्रामीणों ने कोई कसर नहीं छोड़ी, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। ग्रामीणों ने 50 फीट तक पानी भरे कुएं को जुगाड़ के जरिए खाली तक करवाया था।

छह घंटे की मशक्कत के बाद निकाला बाहर
हुआ यह कि गांव भगलाई निवासी 35 वर्षीय सुनीता ने अपनी 8 साल की बेटी शिवानी को गोद में लेकर बुधवार दोपहर को गांव के कुएं में छलांग लगा दी। मां-बेटी के कुएं में कूदने की जानकारी जैसे ही लोगों को लगी मौके पर सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए और सदर थाना को सूचित किया गया। सूचना के बाद तहसीलदार सोनल मीणा व सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। 6 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर मां-बेटी को कुएं से बाहर​ निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

ट्रैक्टर और अल्टीनेटर से निकाला पानी
बता दें कि कुआं 70 फीट गहरा है। दौसा जिले में मूसलाधार बारिश के चलते कुएं-बावड़ियों में पानी की अच्छी आवक हुई है। मां-बेटी की जान लेने वाला यह कुआं भी पानी उसे करीब 50 फीट तक भरा हुआ था। ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के ट्रैक्टर और अल्टीनेटर की व्यवस्था कर कुएं से पानी बाहर निकलवाया।

गृह क्लेश से तंग आकर दी जान
6 घंटे की मशक्कत के बाद मां-बेटी को बाहर निकाला तब तक उनके सांसों की डोर टूट चुकी थी। पुलिस ने सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला ने गृह क्लेश से तंग आकर बेटी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या की है।