रोमांस..सस्पेंस..और फिर लिया बदला, यह कहानी किसी फिल्म से कम नहीं...जानिए

सीकर जिले में पत्नी पर शक ने दो जिंदगी छीन ली। आसास गांव में फुफेरे भाई रिंकू और देहरादून के चर्चित कामना हत्याकांड मामले में बेहद ही चौंकाने वाले खुलासे हुए है। बुआ के बेटे रिंकू उर्फ अजय की हत्या कर पति अशोक ने पत्नी कामना को सबक सिखाने के लिए पूरी योजना एक फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह लिखी। वह टीवी व इंटरनेट पर क्राइम के सीरियल देखने लगा और अपराध की खबरों को पढऩे लगा।अशोक ने घटना में शामिल हर एक व्यक्ति को स्क्रिप्ट के तहत काम दिया। खुद अशोक पूरी योजना के तहत ही काम कर रहा था। पत्नी की हत्या की इतनी बड़ी साजिश देखकर पुलिस खुद हैरान है। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि २००८-०९ में अशोक अपनी पढ़ाई पूरी कर मेरठ से देहरादून आ गया। यहां एक वह डीजे का काम करने लगा। देहरादून में उसकी मुलाकात कामना से हुई। दोनों रिलेशनशिप में एक साथ रहने लगे। २०१४ में अशोक और कामना ने कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद कामना बुटीक का काम करने लगी।

अशोक ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरु कर दिया। दोनों के बीच में कुछ साल ठीक चलता रहा। कुछ समय के बाद अशोक को कामना पर किसी दूसरे के साथ संबंध बनाने का शक करने लगा। तब से दोनों के बीच में झगड़ा होना शुरु हो गया। अवैध संबंधों के शक के कारण ही अशोक ने पत्नी कामना को रास्ते से हटाने की योजना बनानी शुरु कर दी। मरने के १० महीने तक अजय के नाम को जिंदा रखा। सीकर से वापस आने के बाद अजय के बारे में वे बातचीत करते रहते थे। उन्होंने करीब १० महीनों तक अजय के नाम को जिंदा रखा। उनके हिसाब से सब कुछ योजना के तहत चल रहा था। २९ अगस्त २०१९ की रात को पुलिस को सूचना मिली कि घर में घुसकर एक दंपति पर गोली मार दी गई है।

जिसमें पत्नी कामना की मौत हो गई वहीं पति अशोक घायल हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अशोक ने योजना के तहत अजय पर ही आरोप लगाया कि गुरुवार रात करीब 11.30 बजे अशोक की बुआ का बेटा रिंकू उर्फ अजय वर्मा निवासी अमन विहार, रायपुर उसके घर आया। उसके साथ दो लोग थे। उन्होंने कामना और उस पर हमला कर दिया। देहरादून पुलिस ने अशोक के बयानों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। अशोक ने ही दोस्तों को घर बुलाकर पहले कामना पर गोली चलवाई और फिर खुद पर। गुमराह करने के लिए आरोप अजय पर लगाए, ताकि उस पर शक नहीं हो।