ज्वाइनिंग लेटर लेकर पहुंचे नौकरी ज्वॉइन करने, जब सच्चाई सामने आई तो पैरों तले खिसक गई जमीन

दरअसल, यह रोचक मामला रायपुर का है, जहां कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को फर्जी ज्वॉयनिंग लेटर भेजकर ठगी करने का भंडाफोड़ हुआ है। जानकारी के लिए हम आपको बता दे कि आरोपी भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के नाम पता और मोबाइल नंबर चुरा लेते थे। फिर प्रतिभागियों को उनके पते पर फर्जी ज्वॉयनिंग लेटर भेजकर ठगी करते थे। 
आरोपियों ने जिन प्रतिभागियों को ज्वॉयनिंग लेटर भेजा था, वह हूबहू एसएससी से जारी की जाने वाली पत्रों की तरह ही था। उसमें एसएससी और भारत सरकार का मोनो लगा था। लेटर के बीच में एक मोबाइल नंबर लिखा होता था, जिसमें संपर्क करने के लिए कहा जाता था। लेटर मिलने के बाद परीक्षार्थी उस मोबाइल नंबर में कॉल करता था तो आरोपी स्वयं को एसएससी का अधिकारी राजेश कुमार साहू बताता था और सिक्योरिटी मनी जमा करने के लिए कहता था।
एसएसपी आरिफ शेख ने बताया कि ओम कुमार पटेल और दिनेश कुमार धीवर को छत्तीसगढ़ स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में वाटर मैन और स्वीपर के पदों पर नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। नियुक्ति के एवज में सिक्योरिटी मनी के तौर पर 12 हजार 500 रुपए और 30 हजार 238 रुपए जमा करवाए गए थे। उन्हें ज्वॉयनिंग के लिए उपस्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाया गया था।
दोनों वहां पहुंचे। आयोग ने इस प्रकार की भर्ती से साफ इनकार कर दिया। मामले की जांच के बाद दिल्ली के करोल बाग में रहने वाले दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, उसे 2 दिन की रिमांड पर लाया गया है। जानकारी के लिए बता दे कि दीपक के नाम से अलग-अलग बैंकों में 8 खाते हैं। उन खातों में एसएससी के प्रतिभागियों से सिक्योरिटी मनी के नाम पर ली जाने वाली राशि को जमा किया जाता था। इन खातों को खुलवाने के लिए दीपक ने एड्रेस प्रूफ के जो दस्तावेज लगाए थे, वो फर्जी पाए गए हैं।