साहिल नाम सुनकर समझ लिया मुसलमान और भीड़ ने उसके साथ कर दिया ऐसा काम, जानिए क्या था कारण...

एक शख्स की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 31 अगस्त को रात लगभग 10 बजे साहिल की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. वहीं इस मामले में जो खुलासा हुआ है वह चौंका देने वाला है. साहिल को सिर्फ इसलिए पीट-पीटकर मार डाला गया क्योंकि वह पंडितों की गली में चला गया था. साहिल दिल्ली के मौजपुर के आदर्श मोहल्ला इलाके में रहता था. साहिल के दोस्त गली नंबर 5 विजय पार्क, मौजपुर, से गुजर रहे थे. तभी चंद्रभान उसका बेटा आयुष, बंटी और अन्य लोगों ने साहिल के दोस्तों को रोक दिया. वह सभी स्कूटी पर थे. लोगों ने उन्हें रोककर कहा कि इस गली में कैसे घुस गए? यह पंडितों वाली गली है. कौन हो तुम लोग? इसके बाद उनके साथ मारपीट हो गई.
अपने दोस्तों के साथ झगड़ा होने की जानकारी मिलते ही साहिल गली नंबर 5 में पहुंचा. उसने चंद्रभान और उसके रिश्तेदारों से ऐसा ना करने को कहा. इसी बात पर चंद्रभान और उसके रिश्तेदारों ने कहा कि यह पंडितों की गली है और तू इस गली में कैसे घुस आया और इसके बाद मारपीट शुरू हो गई. साहिल को इतनी बुरी तरह से पीटा गया कि वह अधमरा हो गया. किसी तरह वह अपने घर पहुंचा, जहां पर उसने दम तोड़ दिया. घर पहुंचते ही उसने परिवार वालों से सांस लेने में तकलीफ होने की बात कही और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई.

मुसलमान समझकर पीटा

साहिल की मां सुनीता ने कहा कि हमें न्याय चाहिए. इस मामले में चंद्रभान, उसका बेटा आयुष, बंटी, साहू और तमाम लोग शामिल हैं उन सभी की गिरफ्तारी होनी चाहिए. हालांकि पुलिस ने आयुष और चंद्रभान को तो गिरफ्तार कर लिया है. वहीं साहिल के पिता ने कहा कि इन लोगों ने उसे मुस्लिम समझकर पीट दिया और वह सभी लोग शराब के नशे में थे. परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है. साहिल सिंह की मां संगीता सिंह ने बताया कि उसे पंडितों ने मुसलमान समझ कर मार डाला. मेरा बेटा ही ये घर संभालता था, कमाने वाला अकेला वही था. क्योंकि उसके पिता बीमार रहते हैं. उन्हें दिल की बीमारी है. संगीता सिंह के तीन बच्चे हैं. एक बेटी अंजलि सिंह और दो बेटे साहिल सिंह और आदित्य सिंह. आदित्य की उम्र महज 13 साल है, वहीं उनकी बहन अभी सरकारी नौकरी के लिए कम्पीटिशन की तैयारी कर रही हैं. पिता सुनील सिंह का बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार है. फिलहाल साहिल ही उनका काम संभाल रहा था.

मां की गोद में ही तोड़ दिया दम
साहिल की मां का कहना है कि मेरा बेटा भाग कर आया. किसी ने उसे बुरी तरह से पीटा था. उसने अपनी बहन को बोला कि उसे सांस नहीं आ रही है. फिर मेरी गोद में लेटकर मुझे भी बोला कि मम्मा, मुझे पांच नंबर वाली गली में बहुत मारा गया. इतना कहकर उसने मेरी गोद में ही दम तोड़ दिया. मेरा बेटा 23 साल का, मुझे छोड़कर चला गया और मैं कुछ न कर पाई. पिता सुनील सिंह का कहना है कि मेरे बेटे का नाम साहिल था, पंडितों की गली थी, उन्होंने ये समझ लिया कि ये मुसलमान है. दुख तो इस बात का है कि पुलिस पूरे मामले में मेरा साथ देने की बजाए आरोपियों को बचाने में लगी है. उसे मारने में पूरी भीड़ थी. लेकिन पुलिस सिर्फ़ दो लोगों को गिरफ़्तार करती है, बाकियों को गिरफ्तार नहीं कर रही. सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को भी छिपा रहे हैं. कह रहे हैं कि उसमें कुछ नहीं आया है.