'मुझे माफ करना, मुझमें जीने की हिम्मत नहीं रही' और फिर...जानिए ऐसा क्या था कारण

मुझे माफ करना, मुझ में हिम्म्मत नहीं रही जीने की। आप मेरी दोनों बेटियों का ध्यान रखाना। यह बात सुसाइट नोट  में लिखकर सनराइज सिटी स्थित मकान में पीथावास निवासी एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की शिनाख्त प्रेमचंद जांगिड़ पुत्र छीतरमल निवासी खातियों का मोहल्ला पीथावास के रूप में हुई। पुलिस को मृतक के पास से मिले सुसाइट नोट में 5 जनों के खिलाफ रुपएं के लेन-देन मामले में प्रताडि़त करने का आरोप लगाया। 
एएसआई दिलीप सिंह ने बताया कि निवारु स्थित एक आवासीय फ्लेट के कमरा में प्रेमचंद जांगिड़ ने गले में फंदा लगाकर पंखे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। सुबह जब बाहर नहीं आया तो परिजनों को सूचित किया। परिजनों की उपस्थिति में दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर पंखे पर लटका हुआ था। सूचना पर करधनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया। जहां पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस घटना स्थल पर एफएसएल टीम बुलावा कर जांच करवाई। अब पुलिस सुसाइट नोट के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मामला  दर्ज करेंगी।

फर्नीचर का काम करता था मृतक

फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाला युवक प्रेमचंद जांगिड़ फर्नीचर का काम करता था उसकी पत्नी व दो बच्चे गांव पीथावास में परिवार के साथ रहते है और वह निवारु रोड सनराइज सिटी में रहता था। आत्महत्या की घटना के बाद जब मृतक का शव पीथावास खातियों के मौहल्ले में लाया गया तो यहां कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी बबिता, दो बेटिया, भाई व अन्य परिजन बेसुध हो गए।

यह लिखा सुसाइट नोट में

एएसआई दिलीप सिंह ने बताया कि घटना स्थल से मिले सुसाइड नोट में मृतक प्रेमचंद ने लिखा कि 'मैं प्रेमचंद जांगिड़ पुत्र छीतरमल पीथावास हाथोज में रहता हूं। यह लोग मेरे चेक लेकर मुझे धमकी दे रहे है। मेरा चेक अकाउंट में लगा दिया, जो बाउंस हो गया। जबकि यह लोग मुझसे रुपए नहीं मांगते। पापा, मम्मी, दोनों भाई और मेरी पत्नी आप लोग मुझे माफ कर देना, मुझ में हिम्म्मत नहीं रही जीने की, आप मेरी दोनों बेटियों का ध्यान रखाना। अब पुलिस इस सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच करेंगी।