हादसा नहीं हत्या थी इन सात लोगों की मौत, बेटे ने खत्म कर दिया पूरा परिवार, और फिर बताया वजह

26 सितंबर को गांव तूतवाला के पास नहर में कार डूबने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना खुईखेड़ा पुलिस की जांच में सामने आया है कि हादसे में बचे बलविंदर सिंह ने ही पूरे परिवार को कार समेत नहर में धकेल दिया था। आरोपी अपने परिजनों की टोकाटाकी से परेशान रहता था। 
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसआई ने बताया कि 26 सितंबर को गांव अमरपुरा निवासी सुरिंदर सिंह, उसकी पत्नी कुलविंदर कौर, मां स्वर्ण कौर, बेटियों सोना और सिमरन, बेटे साजन, बड़े भाई बलविंदर और उसके दिव्यांग बेटे लखविंदर के साथ कार में गांव अचाड़िकी जा रहे थे। कार बलविंदर सिंह चला रहा था। गांव तूतवाला के पास कार नहर में गिर गई जिसमें सात लोगों की मौत हो गई जबकि बलविंदर सिंह तैरकर बाहर आ गया। 
बाद में उसने बताया कि स्टेयरिंग लॉक होने के कारण कार नहर में जा गिरी थी। एसआई के अनुसार, प्राथमिक जांच में पुलिस ने इसे घटनाक्रम मानते हुए 174 की कार्रवाई की थी। हादसे में मारी गई कुलविंदर कौर के भाई हरवंश सिंह निवासी गांव पक्का चिश्ती ने मामले पर शक जाहिर करते हुए पुलिस को बलविंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने बलविंदर के साथ सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बलविंदर ने पुलिस को बताया कि उसका भाई सुरिंदर सहित परिवार के सभी लोग उससे मारपीट करते थे और टोकते रहते थे। 
इसी का बदला लेने के लिए उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची और अचाड़िकी जाने के बहाने पूरे परिवार को कार में बैठाकर नहर में धकेल दिया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी बलविंदर की पत्नी की मौत हो चुकी है और उसका चाल-चलन ठीक नहीं है। इसी कारण परिवार के लोग उसे टोकते थे। हालांकि बलविंदर ने यह भी कहा कि उसके मन में सभी को मारकर पूरी संपत्ति अपने नाम होने का लालच भी आ गया था। इस कारण ही उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने हरवंश सिंह के बयान पर बलविंदर सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।