दिनदहाड़े हत्या करने वाला ये शख्स थाने में भी हंसता रहा, जानिए इसने ऐसा क्या किया था

रायपुर में 2003 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी हत्याकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर महंत उर्फ बुल्ठू पाठक की हत्या करने वाला केबल कारोबारी धर्मेंद्र सिंह करीब तीन साल पहले भी हवाई फायरिंग करके लोगों को दहशत में डाल चुका है। केबल वार के दौरान चंगोराभाठा में दिलीप मिश्रा से मारपीट होने पर धर्मेंद्र ने फायरिंग कर दी थी। बुल्ठू की हत्या के मामले में पुलिस ने धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 
हत्या में उसके बेटे शिवेंद्र सिंह को भी आरोपी बनाया गया है, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने की वजह से उसे गिरफ्तार नहीं किया है। दूसरी ओर धर्मेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने बुल्ठू और उसके साले सौरभ बंजारे के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है। सौरभ को भी पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज किया है। आरोपी धर्मेंद्र ने पुलिस के सामने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग करना बताया है।

मामूली विवाद में हुई हत्या
धर्मेंद्र अपने बेटे शिवेंद्र के साथ ब्रेजा कार सीजी 04 एमएस 5161 सुंदरनगर से कार में डीजल भरवाने प्रांजल पेट्रोल पंप जा रहा था। पुराना टोल प्लाजा के पास सर्विस लेन पर सामने से बुल्ठू और सौरभ बुलेट सीजी 04 एलडी 4911 से आ रहे थे। क्रास करते समय कार चालक धर्मेंद्र ने हेड लाइट को डिपर नहीं किया, इससे बुल्ठू की आंखें चौंधिया गई। इसके बाद बुल्ठू ने भी अपनी बुलेट कार के पीछे लगा दिया और पेट्रोल पंप पहुंचे। पेट्रोल पंप में पहुंचते ही बुल्ठू ने कार चालक धर्मेंद्र और शिवेंद्र को हेडलाइट में डिपर नहीं देने पर भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। फिर दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी।

चौथी गोली बुल्ठू के सीने पर लगी
विवाद बढ़ा तो बुल्ठू ने चाकू निकाल लिया। धर्मेंद्र ने भी 7.65 एमएम का अपना लाइसेंसी पिस्टल निकाल लिया। बुल्ठू ने शिवेंद्र पर चाकू से दो वार किए। इस पर धर्मेंद्र ने पिस्टल निकाली और तीन फायर किए। इसके बाद चौथा बुलेट सीधे बुल्ठू के सीने में लगा। गोली लगते ही सौरभ किनारे हो गए। इसके बाद वह बुल्ठू को उठाकर अस्पताल ले गया, जहां उसकी मौत हो गई। धर्मेंद्र के बेटे शिवेंद्र को पसली और पेट में चाकू लगा है। लाइसेंसी पिस्टल में नियमानुसार अगर आत्मरक्षा के लिए हमलावर के कमर के निचले हिस्से में की जाती है। लेकिन धर्मेंद्र के पिस्टल से चली चौथी गोली बुल्ठू के सीने में लगी। बुल्ठू भी जानलेवा हमला कर रहा था। उसने 9 इंच फाल वाला जानलेवा चाकू से शिवेंद्र पर जानलेवा हमला किया था।