मैं इतना बड़ा चोर नहीं हूँ, प्लीज मुझे हथकड़ी लगाकर मत ले जाओ...

नोवामुंडी के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी टाटा स्टील अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सीपी गुप्ता को नोवामुंडी पुलिस की जगह सीतामढ़ी पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। सीतामढ़ी पुलिस दहेज उत्पीड़न मामले में दो साल से फरार चल रहे वारंटी डॉक्टर को नोवामुंडी से गिरफ्तार कर साथ लेकर बिहार निकल गई है। इस दौरान नोवामुंडी थाना में डॉक्टर पुलिस के समक्ष काफी देर तक गिड़गिड़ाया। रोते हुए बोला कि मैं कोई इतना बड़ा चोर नहीं हूं। मुझे हथकड़ी लगाकर मत ले जाओ। 
मौके पर पत्नी को पीटने की वजह से पुलिस ने डॉक्टर को जमकर फटकार लगाई। सीतामढ़ी महिला थाना के थाना प्रभारी देबेन्द्र चौधरी ने नोवामुंडी पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि डॉक्टर सीपी गुप्ता के खिलाफ पहली पत्नी सोनी कुमारी ने दहेज उत्पीड़न मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। थाने में आठ जून 2017 को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। वहीं नोवामुंडी थाना क्षेत्र में दूसरी पत्नी प्रशस्ति श्रीवास्तव से मारपीट करने के मामले में बुद्धवार रात तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

पहली पत्नी से 19 लाख रुपये दहेज लेने का चल रहा मामला
बिहार के लखीसराय थाना क्षेत्र के रहने वाले डॉ. चंद्र प्रसाद गुप्ता ने 2011 में सीतामढ़ी थाना क्षेत्र की सोनी कुमारी से विवाह किया था। उसने सबसे पहले पढ़ाई के नाम पर 10 लाख रुपये, शादी में बारातियों पर खर्च के लिए चार लाख व पढ़ाई पूरी करने के लिए और पांच लाख रुपये समेत कुल 19 लाख रुपये दहेज ले चुका है। इसके पहले भी दहेज उत्पीड़न को लेकर मामला चल रहा था। उस समय दोनों में समझौता हो चुका था। दूसरी बार डॉक्टर पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उसके बाद से वह फरार चल रहा है। पहली पत्नी से कोई संतान नहीं है।