पति व 2 बच्चों को छोडक़र एक महिला 7 महीने पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लडक़े के साथ चली गई थी। पति व महिला के भाई ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने महिला को किशोर के घर से बरामद किया तथा उसे परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा दिया। पत्नी अपने पति के साथ रहना नहीं चाहती थी, जबकि पति भी उसे उसके इस कृत्य के बाद रखना नहीं चाहता था। बाद में महिला के मायके वालों ने भी उसे साथ रखने से इनकार कर दिया।
इधर परिवार परामर्श केंद्र में लगातार काउंसिलिंग के बाद अंतत: वह पति के साथ रहने को राजी हो गई। बच्चों की परवरिश को देखते हुए पति ने भी उसकी गलतियों को भुला दिया और दोनों साथ रहने लगे। 7 माह पूर्व शहर की एक महिला अपने पति को छोडक़र एक लडक़े के साथ चली गई थी। पति कैटरिंग का काम करता था, उसने पत्नी के गुम होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। पति के साथ ही महिला के भाई ने भी शिकायत दर्ज कराई थी।

इस पर पुलिस ने एक 17 वर्षीय किशोर के घर से महिला को बरामद करने के बाद इसकी सूचना परिवार वालों को दी। लेकिन महिला ने पति के साथ जाने से इंकार कर दिया तो पुलिस ने उसे दर्रीपारा स्थित एमएसएसवीपी पुनर्वास केंद्र पहुंचा दिया। यहां की संचालिका मीरा शुक्ला द्वारा उसकी लगातार काउंसिलिंग की गई, लेकिन वह जाने से इंकार करती रही। महिला ने जब अपने माता-पिता के घर जाना चाहा तो उन्होंने भी उसे रखने से इनकार कर दिया। बाद में लगातार काउंसिलिंग की वजह से उसने पति के साथ जाने की बात पर तैयार हो गई।

महिला को गलती का हुआ एहसास

एमएसएसवीपी के परिवार परामर्श केंद्र द्वारा महिला के पति को बुलाया गया। पहले पति उसे ले जाने को तैयार नहीं था, बाद में संचालिका की समझाइश पर वह उसे ले जाने को तैयार हो गया। पति ने कहा कि बच्चों को छोडक़र वह भी अलग नहीं रहना चाहता है। वहीं महिला ने कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी। पति व पत्नी पुरानी बातों को भुलाकर एक साथ रहने को तैयार हो गए। परिवार परामर्श केंद्र के प्रयासों व लगातार काउंसिलिंग ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया।