मध्य प्रदेश के सीधी शहर में यहां एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। बताया जा रहा हैं कि पहले युवती ने अपने मन पसंद युवक के साथ सात फेरे लेते हुए जन्म-जन्मातर तक रिश्ते निभाने का वादा किया। इसके लिए विधिवत हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कार्यक्रम रचाया गया। लेकिन विवाह के चंद घंटों बाद जिंदगी में ऐसा मोड़ आया कि पति ने पत्नी के समक्ष आफर रखा कि अब हम पति-पत्नी न बनकर बहन-भाई बनकर जिंदगी गुजार सकते हैं। पति का यह कहना पत्नी को रास नहीं आया और वह ससुराल से अगली सुबह अपने मायके चली आई। फिर अपने माता-पिता से पति की बाते बया की। 
जिसे सुनने के बाद माता-पिता के होश उड़ गए। अब पत्नी ने महिला प्रकोष्ठ पुलिस को आवेदन देकर शादी तोडऩे व दहेज में दी गई सामग्री को दिलाए जाने की गुहार लगाई है। सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत शहर से महज दो किलोमीटर दूर एक गांव की निवासी युवती ने महिला प्रकोष्ठ पुलिस कोतवाली को आवेदन देकर बताई कि मेरी शादी चुरहट निवासी एक युवक से 19 नवंबर 2019 को विधिवत हिंदू रीति रिवाज के साथ संपन्न हुई और वह विवाह के अगले दिन विदा होकर ससुराल गई, जहां तमाम रस्म अदायगी के बाद शाम को पूजा पाठ का आयोजन किया गया। 

लेकिन जब रात्रि को पति कमरे में आया तब वह बेदम निकला। जिस पर युवती अपनी किस्मत को कोसती हुई रोने लगी। पत्नी को बिलखते देख पति ने शांत कराते हुए सहानुभूति प्रदर्शित की और उसके द्वारा कहा गया कि अब हम लोगों की शादी हो गई है। मैं शरीर से कमजोर हूं, इस कारण हम लोगों के बीच पति-पत्नी का संबंध तो नहीं रह सकता लेकिन तुम मेरे साथ भाई-बहन बनकर रहो। पत्नी को पति ये बात रास नहीं आई और वह अपने पति के साथ न रहने का निर्णय लेकर अगले दिन मायके आ गई, अब इस युवती ने महिला डेस्क प्रभारी को आवेदन देकर दहेज व उपहार स्वरूप दी गई सामग्री को वापस कराने की गुहार लगाई है।