कडाके की ठंड में 10 दिन की दुधमुंही बच्ची श्रीराम कॉलोनी, जनकगंज में सुबह 4.30 बजे के करीब कंबल में लिपटी लावारिस रखी मिली है। उसे लावारिस छोडऩे वाले का पता नहीं चला है। नवजात को लाने वाले ने उसे घर की देहरी पर रखा फिर कॉलबेल बजाकर भाग गया। मासूम बच्ची को इस तरह लावारिस छोडऩे का पता चलने पर कॉलोनी में खलबली मच गई। लोगों ने सुना तो नींद से उठकर आ गए। उसे लावारिस छोडऩे वाले की तलाश में कॉलोनी के लोगों ने भागदौड़ भी की लेकिन वह नहीं मिला। 
मामला सुनकर पुलिस भी कॉलोनी में पहुंच गई बच्ची को जनकगंज थाने ले आई, यहां महिला पुलिसकर्मियों ने बच्ची को संभाला। उसके लिए गाय के दूध का इंतजाम किया।
फिर चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले महेन्द्र कुशवाह ने बताया कि सुबह ४.३० बजे के करीब उनके घर की कॉलबेल बजी, उससे नींद खुल गई। बाहर आकर देखा तो देहरी पर नवजात कंबल में लिपटी रखी थी। सडक़ पर सन्नाटा था। फिर बच्ची कहां से आ गई। पत्नी को बाहर बुलाया। बच्ची को उठाकर घर में ले गए। फिर पुलिस को खबर की। कॉलोनी में भी लोगों को बताया। 

दुधमुंही बच्ची को इस तरह लावारिस छोडऩे की बात सुनकर लोग भी हैरान हो गए। किसी की समझ में नहीं आया कि नवजात के साथ इस तरह का व्यवहार किसने किया है। महेन्द्र ने बताया कि कॉलोनी में सीसीटीवी लगे हैं, उनके फुटेज में बच्ची को लाने वाला आता दिखा है। उसने पहचान छिपाने के लिए सिर से कंबल ओढ़ रखा था। इसलिए उसका चेहरा नहीं दिखा है। लेकिन हुलिया से उसकी पहचान की कोशिश कर रहे हैं।