रात में सिटी बजाकर खुद को बताता था चौकीदार, मौका मिलने पर सूने मकानों में करता था चोरी, आभूषण जमीन में गाड़कर रखता था, अब पकड़ा गया

बदमाश कितना भी शातिर हो, वह अपने पीछे कोई सबूत छोड़ जाता है। इस बात शनिवार को फिर साबित हो गई। यहां चोरियों के पूराने मामले में पुलिस ने जो फिंगर प्रिंट लिए थे, उसके आधार पर पुलिस के हत्थे एक बदमाश चढ़ा है। पूछताछ की गई तो बदमाश ने १६ चोरियां कबूली है। मजेदार बात यह है कि बदमाश रात में सीटी बाजकर खुद को चौकीदार बताता था, और जहां सूने मकान मिलते वहां धावा बोलकर आभूषण चुराता था। इन आभूषणों को आंगन में गाढ़कर जरूरत के हिसाब से बेच देता था। 
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फिलहाल पुलिस ने बदमाश से 10 लाख रुपए के आभूषण और 3100 रुपए नकद बरामद किए हैं। पूछताछ जारी है। शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एसपी सुनील कुमार पांडे ने बताया जिले में हो रही लगातार चोरियों की रोकथाम के लिए टीम गठित की गई थी। इस टीम ने भगवानपुरा, भीकनगांव और खरगोन के थानाक्षेत्रों में हुई चोरियों के घटनास्थल से लिए गए भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य लिए। फिंगर प्रिंट के अपराधिक रिकार्ड से मिलान किए। 
इसके आधार पर पुलिस भगवानपुरा थानाक्षेत्र के मुकेश पिता लक्ष्मण बारेला निवासी सुखपुरी तक पहुंची। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ। इसमें वह जल्द ही टूट गया। उसने 16 सूने मकानों में चोरियों की वारदात को कबूल किया। जमीन में गाढ़ कर छुपा रखे थे चोरी का आभूषण। मुकेश की निशानदेही पर पुलिस ने चुराए गए करीब 10 लाख रुपए के आभूषण बरामद किए। मुकेश ने यह आभूषण चोरी के बाद जमीन में गाड़ दिए थे। वह इन आभूषणों को अपनी जरूरत के समय निकालता था और बेच देता था।

डेढ़ साल पहले ही सजा काटकर आया था जेल से
भगवानपुरा थाना प्रभारी वरूण तिवारी ने बताया मुकेश आदतन अपराधी होकर पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है। इसके खिलाफ आम्र्स एक्ट, चोरियों के अपराध दर्ज है। करीब डेढ़ साल पहले ही वह सजा काटकर वापस आया था। इसके बाद फिर से चोरियां करने लगा था। पूछताछ में फिलहाल उसने अकेले ही चोरियों को अंजाम देने की बात कबूली है।
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