गुजरात के राजकोट में बीएचएमएस डॉक्‍टर का बोर्ड लगाकर प्रैक्टिस करने वाले एक फर्जी डॉक्‍टर को पकड़ा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिनों पूर्व गुजरात पुलिस जांच के लिए मुजफ्फरपुर के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विवि आई थी। परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने डिग्री का अवलोकन किया गया तो वह फर्जी निकला। फर्जी डिग्री इसी विश्वविद्यालय के नाम से थी।
गुजरात पुलिस ने बताया कि उनके राज्य में फर्जी डिग्री बेचने का रैकेट पकड़ाया, जिससे पूछताछ के आधार पर झोलाछाप के खिलाफ नियमित अभियान चला। इसी कड़ी में राजकोट में शिकायत मिली कि फर्जी डिग्री पर कुछ लोग इलाज की दुकान चला रहे हैं। फिर छानबीन के क्रम में वे यहां तक पहुंचे। अब संबंधित फर्जी डॉक्‍टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उसको जेल भेजा जाएगा। बिचौलियों की मदद से बनाई फर्जी डिग्री गुजरात पुलिस अधिकारी ओम सेन देसाई की नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने जांच की। 

पुलिस ने बताया कि राजकोट के रहने वाले मुश्ताक नामक व्यक्ति 2010 में बीएचएमएस की फर्जी डिग्री लेकर प्रैक्टिस कर रहा था। पुलिस ने शिकायत के बाद डिग्री बनाने वाले कुछ बिचौलियों को पकड़ा। पूछताछ में दलालों ने बताया कि वह गुजरात से दूर प्रदेश की डिग्री बनाकर बेंचते हैं। गुजरात पुलिस ने विश्वविद्यालय पुलिस को बताया कि फिलहाल फर्जी डिग्री बनाने वाले नेटवर्क में बिहार का कोई दलाल होगा तो उसकी जानकारी वह उपलब्ध कराएंगे। फिलहाल अनुसंधान जारी है।