राजधानी के प्रतापपुरा थाना इलाके के जगतपुरा स्थित यूनिक टावर में श्वेता तिवारी और उसके 21 माह के बेटे श्रीयाम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मां-बेटे की हत्या के आरोप में पकड़े गए श्वेता ​के पति रोहित तिवारी और सुपारी किलर सौरभ उर्फ राजसिंह चौधरी 13 ​जरवरी तक पुलिस रिमांड पर हैं। जयपुर ​पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि श्वेता और श्रीयाम की हत्या के बदले रोहित तिवारी अपने दोस्त सौरभ ​चौधरी को बीस हजार रुपए देने वाला था, मगर पुलिस ने सौरभ से महज बीस हजार रुपए के बदले हत्या करने की वजह पूछी तो उसने चौंकाने वाला सच उगला है।
पुलिस के अनुसार रोहित के साथ-साथ सौरभ का भी अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। वह आठ माह से पीहर में रह रही है। दोनों एक दूसरे से अपनी जिंदगी की बातें शेयर किया करते थे। तब रोहित उसे जिंदगी नए सिरे से जीने को कहा। ऐसे में सौरभ और रोहित के बीच एक-दूसरे की पत्नी की हत्या की डील हुई थी। सौरभ ने पुलिस पूछताछ में बताया कि डील के मुताबिक मुझे श्वेता की और रोहित को मेरी पत्नी की हत्या करनी थी। पुलिस पूछताछ में सौरभ ने कबूल किया कि वो रोहित के साथ हुई डील के अनुसार श्वेता की हत्या इतनी सावधानी से करेगा कि दोनों पर किसी को शक नहीं हो। 
यही वजह है कि 7 जनवरी की शाम को जब सौरभ श्वेता की हत्या करने उसके फ्लैट पर आया तब चेहरा ढक रखा था। वह फ्लैट पर आते और जाते समय सीसीटीवी में कैद हुआ, मगर उसका चेहरा नहीं दिखा। जांच में जुटी पुलिस ने सौरभ के जूतों से उसकी पहचान की। जूते सीसीटीवी में कैमरे में रिकॉर्ड हो गए थे और दूसरे दिन आधी रात को पुलिस सौरभ के सांगानेर स्थित घर पहुंची तो कमरे के बाहर वो ही जूते पड़े मिल गए थे।