पुलिस ने बताया कि मृतक खरेड़ा निवासी योगेन्द्र (२६) पुत्र नरेन्द्र कलाल है। योगेन्द्र शनिवार सुबह ९ बजे घर से भैंस को पानी पिलाने के लिए कहकर निकला था। घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। इधर, गांव के बड़े तालाब स्थित घाट पर लावारिश पड़े शॉल, शर्ट व चप्पलों की शिनाख्त योगेन्द्र के कपड़ों से होने पर ग्रामीणों ने पानी में डूबने की आशंका जताई। आशंकित ग्रामीण व परिजनों ने उसे तालाब में ढूंढने का प्रयास किया। ग्रामवासी गजेन्द्र कुमावत समेत अन्य ग्रामीण युवको ने ढीबरू से नाव मंगवाकर तालाब में दिनभर उसे तलाशते रहे। 
इधर, मौके पर पहुंचे डीआर रामचन्द्र गुर्जर व मोरभाटियान सरपंच हरजीराम गुर्जर की सूचना पर तहसीलदार मनमोहन गुप्ता मौके पर पहुंचे तथा टोंक व उनियारा से गोताखोर को बुलवाया, देर शाम तक तलाशने पर भी उन्हें सफलता नहीं मिली। जिला प्रशासन के निर्देश पर अजमेर से एसडी आरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कड़ाके की ठण्ड के बीच रविवार सुबह करीब ८ बजे टीम ने अभियान के तहत तालाब में योगेन्द्र की तलाश शुरू की। 

करीब दो घण्टे की मशक्कत के बाद योगेन्द्र का शव झाडिय़ों में अटका मिला, जिसे ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला गया। खरेड़ा चौकी प्रभारी किशनलाल ने मृतक के पिता नरेन्द्र पुत्र कन्हैयालाल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में बताया कि योगेन्द्र शनिवार सुबह भैंस को पानी पिलाने गया था। इसी बीच गहरे पानी गई हुई भैंस को निकालने के दौरान पानी में डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का पीएचसी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया।