सीकर जिले के कांवट इलाके की ग्राम पंचायत जुगलपुरा स्थित लांबा की ढाणी निवासी दो सगे भाइयों का जिंदगी भर का प्यार एक दिन का वियोग भी नहीं झेल पाया। बड़े भाई की मौत के अगले दिन ही छोटे भाई ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दरअसल बड़े भाई भैरूराम लांबा (65) का निधन गुरुवार रात हो गया। शुक्रवार को भैरूराम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
उधर भैरूराम का छोटा भाई मुरलीराम लांबा (61) बड़े भाई की मौत का सदमा नहीं झेल पाया और शुक्रवार रात ही उसने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दूसरे भाई की मौत की सूचना पर गांव में माहौल गमगीन हो गया। परिजनों ने शनिवार को मुरली का भी अंतिम संस्कार किया। पड़ोसी उमराव चाहर ने बताया कि छोटे भाई मुरली की करीब पांच दिन पूर्व तबीयत बिगड़ गई थी। 

छोटे भाई की तबीयत बिगडने के बाद से बड़ा भाई काफी दुखी था। चाहर ने बताया कि बड़ा भाई खेती करता था और छोटा भाई पिछले साल ही रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त हुआ था। दोनों भाईयों में गहरा प्रेम था। सबसे बड़े भाई की पूर्व में ही मौत हो चुकी है और एक छोटा भाई मौजूद है। दो सगे भाइयों की एक दिन के अंतराल में ही मौत होने की चर्चा दिनभर आसपास के गांवों में होती रही।