कोहरा कही हादसे का सबक नहीं बन जाए, इसके लिए रेलवे अब लोको पायलट को सतर्क करने के लिए पटरी पर पटाखे छोड़ रही है। गत एक सप्ताह में भीलवाड़ा सेक्शन पर करीब २०० पटाखे घने कोहरे के बीच छोड़ जा चुके है। सर्द मौसम मेें कही रेलवे पटरी में भी क्रेक ना आ जाए, इसके लिए रेलवे तकनीकी टीम भी अलर्ट हो गई है। जिले में तड़के कोहरा लगातार घना होता जा रहा है, इसका असर रेलवे मार्ग पर भी आ रहा है। लोको पायलट को सिग्नल नजर नहीं आ रहे और सिग्नल से १८० मीटर पहले लगे रोक स्टोन भी नहीं दिख रहे है। 
एेसे में कही कोई हादसा नहीं हो जाए, इसके लिए भीलवाड़ा रेल खंड में रेलवे टीम पूरी सावधानी बरती हुई है। सम्बंधित स्टेशन मास्टरों ने यार्ड क्षेत्र में पुख्ता व्यवस्थाएं की है। रेलवे पटरियों की लगातार जांच की जा रही है। वही कोहरा घना होने पर पटाखे की मदद ली जा रही है। भीलवाड़ा रेलवे खण्ड में घने कोहरा का सर्वाधिक असर मांडल व मण्डपिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नजर आ रहा है। क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयां होने से उठ रहे धुएं से कोहरा भी घना बना हुआ है। भीलवाड़ा रेलवे खण्ड में दोनों स्टेशन क्षेत्र एेसे है जहां ट्रेन व मालगाड़ी को कोहरे के बीच निकालने में लोको पायलट को खासी परेशानी करनी पड़ रही है। 

यहां चालकों को स्टोन व सिग्नल नजर नहीं आने पर पटरी पर पटाखे छोड़ कर ट्रेनों को निकाला जा रहा है। रेलवे स्टेशन अधीक्षक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि धुंध व कोहरा लगातार क्षेत्र में गहराता जा रहा है। एेसे में कई बार लोको पायलट को तय दूरी से सिग्नल नजर नहीं आता। एेसे में स्टेशन के सबसे बाहरी रोक सिंग्नल से २७० मीटर की दूरी पर पटाखा सिग्नल लगाते है। गाड़ी जब उससे पास करती है तो वो तेजी से आवाज करता है। इससे चालक समझजाता है कि सिग्नल आने वाला है। भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पटाखे की मदद अभी तक नहीं ली गई है जबकि मांडल व मण्डपिया के साथ ही रायला, लाम्बिया, धुंवाला, हमीरगढ़, सोनियाणा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कोहरे के दौरान सिग्नल नजर नहीं आने पर पटरी पर पटाखे छोड़ कर लोको पायलट को सतर्क किया गया।