बाप की तरह बेटे को भी उतारा मौत के घाट, जानिए क्या था कारण...

सोनीपत के गांव छहतेरा में बदमाशों ने एक  युवक को 16 गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना सोमवार दोपहर की है। बाइक पर हेलमेट लगाकर आया एक हमलावर दो पिस्टलों से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। बता दें कि युवक के पिता की भी आठ माह पहले गांव नाहरा में 16 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले का मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के बाद अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली में कोचिंग लेने वाला मूलरूप से गांव नाहरा और फिलहाल दिल्ली के वजीराबाद में रहने वाला अनिल (25) रविवार को मां, भाई और बहन के साथ नरेला में चचेरे भाई सोनू की शादी में शामिल होने आया था। 
सोमवार को सोनू का रिसेप्शन था। दोपहर बाद अनिल कार लेकर गांव नाहरा में अपने बंद घर को देखने चला गया। इसके बाद वह गांव छतेहरा के पास स्थित थ्री-डी सर्विस स्टेशन पर कार धुलवाने चला गया था। इसी बीच हेलमेट पहने एक युवक बाइक से सर्विस स्टेशन पर पहुंचा और आते ही अनिल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस का कहना है कि हत्या में दो हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। एक 9 एमएम की पिस्टल और दूसरी कोई देसी पिस्टल हो सकती है। हमलावर युवक सर्विस स्टेशन पर घूमते हुए सीसीटीवी में दिख रहा है। सूचना के बाद डीएसपी हरेंद्र व कुंडली थाना प्रभारी रवींद्र मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। 
पिता की हत्या के आठ महीने बाद बेटे को मार डाला
अनिल के पिता जगबीर की 9 मार्च को गांव में अड्डे पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह स्कूल बस चालक था। उनकी सुबह अड्डे पर बस में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में लारेंस बिश्नोई गैंग के राजू बसौदी व अक्षय पलड़ा के साथ ही उनके साथी पवन उर्फ तोतला का नाम सामने आया था। जगबीर के भाई राजेश के बयान पर मुकदमा दर्ज हुआ था। मुख्य आरोपी पवन उर्फ तोतला का जगबीर के परिवार से प्लॉट को लेकर झगड़ा था। हत्या का कारण यही प्लॉट बताया गया था। पुलिस उस मामले से जोड़कर इसे भी देख रही है। पुलिस को पवन उर्फ तोतला पर भी शक है।