प्रेमी ने प्रेमिका के जान देने की पूरी बात बताई, दोनों साथ मरने गए थे लेकिन...

हेत सिंह तोमर ने दम तोड़ने से पुलिस को गौरी की हत्या और अपनी जान देने की पूरी कहानी बताई। उसका कहना था कि वह गौरी को बेइंतिहा प्यार करता था, वह भी उसे बहुत चाहती थी, दोनों साथ जीने, साथ मरने का फैसला कर चुके थे लेकिन कुछ दिन से वह बेरुखी दिखा रही थी। इसी से उसे उस पर शक हुआ। लगा कि उनके बीच कोई और तो नहीं आ गया है।
एसपी वेस्ट रवि कुमार ने बताया कि हेत सिंह ने मृत्यू पूर्व बयान में बताया है कि गौरी की हत्या के बाद वह घर गया था। वहां से मथुरा रिश्तेदारी में चला गया। उसे पता चल गया था कि पुलिस उसके घर दबिश देने गई। इसी के बाद उसने मथुरा से जहर खरीदा और खेरागढ़ के लिए चल दिया। उसने खेरागढ़ में किसी जगह पर जहर का सेवन किया। इसके बाद थाना पहुंचा। उसने परिसर में प्रवेश किया ही था कि बोलने लगा, गौरी की हत्या मैंने की है।
गौरी के हत्यारे का पता लगाने के लिए पुलिस ने तीन दिनों में 25 लोगों से पूछताछ की लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। उसके मोबाइल में जिसका भी नंबर मिला, उसे ही थाने बुला लिया। तीन युवकों से तो दो दिन पूछताछ चली लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाई थी। इसमें एक  नंबर पर बार बार बात हो रही थी। इसी पर सबसे ज्यादा शक था लेकिन यह नंबर बंद आ रहा था। डिटेल निकलवाई गई तो पता चला कि यह हेत सिंह तोमर का है। उसके घर दबिश दी गई तो वह नहीं मिला। पुलिस उसके परिवारीजनों से कह आई कि वह आए तो थाने भेज देना।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पुलिस फिर से खाली हाथ हो गई थी। सोमवार की दोपहर तक कोई सुराग नहीं था। शाम को दो और युवक थाने बुलाए गए। उनसे पूछताछ की गई लेकिन कुछ नहीं निकला। तभी हेत सिंह जहर खाकर पहुंच गया। इसके बाद आनन फानन में वे सभी लोग थाना से छोड़ दिए गए जिनसे पूछताछ की जा रही थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हेत सिंह ने जहां चाकू फेंकना बताया है, वहां पुलिस जाकर तलाश करेगी।