सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु ने लिया एक अध्यापिका की जान...

सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु से एक अध्यापिका की स्कूटरी टकराने के कारण अध्यापिका की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गांव मोठांवाल की अध्यापिका मनमीत कौर पुत्री शाम लाल रोजाना गांव मोठांवाल से सुल्तानपुर लोधी के एक प्राइवेट स्कूल में अपनी एक्टिवा पर पढ़ाने आती थी। शुक्रवार सुबह जब वह अपनी एक्टिवा पर स्कूल की ओर जा रही थी तो डडविंडी फाटक से पहले ही कमालपुर गऊशाला के नजदीक मोड़ पर किसी लावारिस पशु से टकरा कर गिर गई, जिसको पहले तुरंत सुल्तानपुर लोधी के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, परंतु अस्पताल के डाक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए जालंधर के लिए रैफर कर दिया था, आर.सी.एफ. के नजदीक ही उसकी मौत हो गई।
इस संबंधी लड़की के चाचा हरजिन्द्र सिंह के अनुसार मनमीत कौर पढ़ाई में बहुत ही होनहार थी और उसकी अध्यापक बनकर पढ़ाने की इच्छा थी। उन्होंने बताया कि वह स्कूटरी पर रोजाना स्कूल जाती थी, परंतु गत कुछ दिनों से ठंड व धुंध के कारण स्कूटरी को डडविंडी स्टैंड पर खड़ी करके बस में स्कूल जाती थी। उन्होंने बताया कि मनमीत के पिता दुबई में हैं, जिनको सूचित कर दिया गया है और 2 भाई जो श्री पटना साहिब में प्रकाशोत्सव मौके गए थे, वह अब श्री पटना साहिब से चल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे गांव में सरकारी गऊशाला होने के बावजूद प्रशासन की ओर से की जा रही कथित तौर पर अनदेखी के कारण पशु सड़कों पर खुले घूमते हैं, जिसके कारण ऐसी दुर्घटना घटित हुई है। जब सरकार लोगों से गऊ सैस के नाम पर टैक्स व फंड लेती है, तो फिर इनका कोई पुख्ता बंदोबस्त क्यों नहीं करती। अध्यापिका की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव और स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई है।