इटावा में दिल्ली की ओर जा रही सुपरफास्ट नंदनकानन एक्सप्रेस (12815) के जनरल कोच में सीट पर बैठने के लिए फौजी और बिहार पुलिस के दो सिपाहियों के बीच मारपीट हो गई। ट्रेन को इटावा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रोका गया। दोनों पक्षों में समझौता होने पर मामले को रफा दफा कर दिया गया। इस दौरान करीब पंद्रह मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। दिल्ली की ओर जा रही नंदनकानन एक्सप्रेस के जनरल कोच में सेना भवन नई दिल्ली में तैनात करीब 17 फौजी छुट्टी के बाद ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी जनरल कोच में बिहार पुलिस के अजय यादव अपने एक अन्य साथी के साथ यात्रा कर रहे थे। 
कानपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना हुई तो सीट पर बैठने को लेकर जवानों और बिहार पुलिस के सिपाहियों के बीच कहासुनी हो गई। कोच में नाम पता पूछता सिपाही। कहासुनी होने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान जनरल कोच में यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों के साथ भी मारपीट कर दी गई। जनरल कोच गार्ड के कोच के बगल में होने पर तेज आवाजों को सुनने पर गार्ड ने इसकी सूचना इटावा जीआरपी थाना प्रभारी कृपालशंकर व आरपीएफ थाना प्रभारी विनोद कुमार को दी। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने नंदनकानन एक्सप्रेस जो कि नॉन स्टॉप ट्रेन थी उसे इटावा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रोका और घटना की जानकारी की गई। 

दोनों पक्ष आपस में समझौता करने पर राजी हो गए। जीआरपी थाना प्रभारी कृपालशंकर ने कहा कि यदि मुकदमा दर्ज कराना चाहते हैं तो लिखित तहरीर दे दो। इस पर दोनों ही पक्षों ने लिखित रूप में समझौता कर लिया। समझौता की कापी ट्रेन में चल रहे फिरोजाबाद के स्कॉट सिपाही इरफान को दी गई। नंदनकानन एक्सप्रेस दोपहर 3:30 मिनट पर आई जिसे 15 मिनट रोकने के बाद 3:45 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों ही पक्ष कार्रवाई से इनकार कर रहे थे।