10वीं पास 32 की उम्र में 18 करोड़ की कर दिया ठगी और फिर जो हुआ जानिए....

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बिटकॉइन में निवेश पर मोटी रकम कमाने का झांसा दे करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से विभिन्न राज्यों के तीन हजार लोगों की आईडी भी मिली है। इससे संभावना है कि आरोपियों ने बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि मूलत: जोधपुर के बिलाड़ा में कुम्हारों की ढाणी हाल जगतपुरा स्थित श्याम रेजीडेंसी निवासी मनोज कुमार पटेल और मूलत: चूरू स्थित गोविंदम हाल जगतपुरा श्याम रेजीडेंसी निवासी अविका मिश्रा को गिरफ्तार किया है। 
आरोपियों के खिलाफ दिल्ली निवासी गुरमीत सिंह ने मामला दर्ज करवाया था। पीडि़त ने रिपोर्ट में बताया है कि आरोपियों ने बिटकॉइन में निवेश करने पर 1 प्रतिशत रोजाना कमिशन देने का झांसा दिया और 5 करोड़ रुपए हड़प लिए। शुरुआत में कुछ कमिशन भी दिया। लेकिन बाद में मोबाइल बंद कर वेबसाइट को बंद कर दिया। अनुसंधान के बाद दोनों आरोपियों को जगतपुरा स्थित फ्लैट से पकड़ा गया और उनके खिलाफ 10 करोड़ और 3 करोड़ की ठगी के दो पीडि़त लोगों ने एसओजी से संपर्क किया है। एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि 32 वर्षीय मनोज ने 22 वर्षीय अविका के साथ एमएलएम आई-मैक्स कैपिटल के नाम से एक कंपनी शुरु की। कंपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग, क्रिप्टो ट्रेडिंग व आरबीटेक प्लेटफॉर्म वेबसाइट में बिटकॉइन ट्रेडिंग का बड़े स्तर पर करने लगी। 

लोगों को लुभाने के लिए आरोपी मनोज ने देश के बड़े शहर और बैंकॉक में भव्य इवेंट का आयोजन किया। बैंकॉक में अयोजित किए गए इवेंट में करीब 400 लोग शामिल हुए थे। तब गुरमीत ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करके 5 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। एसओजी की पड़ताल में सामने आया है कि मनोज 10वीं पास है और अविका लिटरेचर से बीए पास है। उनके पास कई भूखंड और फ्लैट के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जाती है। आरोपी पुरानी वेबसाइट बंद कर नई कंपनी आई-मेक्स शुरू कर ली थी। करोड़ों रुपए की ठगी के बाद मिली रकम को ठिकाने लगा रहे थे। इसके बाद विदेश चले जाते। 

आरोपी मनोज शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। जबकि अविका भी शादीशुदा है। दोनों परिवार से अलग जगतपुरा में रहकर रजिस्टर्ड शादी का प्रमाण पत्र बना रखा है। एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी जोधपुर में एक आयुर्वेद दुकान पर काम करता था। दवा लेने के लिए दिल्ली जाया करता था। जिस कंपनी से दवा लाता था, वहां पर अविका काम करती थी। दिल्ली में आरोपी की टॉनी नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। टॉनी ने ही बिटकॉइन में रकम लगाने के लिए तैयार किया। काफी लाभ होने पर पर आरोपी मनोज खुद बिटकॉइन में निवेश करवाने लगा और अविका को भी अपने साथ मिला लिया। आरोपी के खिलाफ राजस्थान में जोधुपर, बूंदी, उदयपुर और जयपुर के महेश नगर थाने एक मुकदमें के साथ कुल 21 प्रकरण दर्ज हैं।
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