20 वर्ष पहले लापता हुई महिला मंगलवार को सकुशल पहुंची अपने घर पर....

जिस महिला को परिजनों ने मरा हुआ समझ लिया था, वह 20 साल बाद अचानक सही-सलामत घर पहुंची तो स्वजलों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। किसी को एकबारगी तो यकीन ही नहीं हुआ। महिला को सकुशल देख परिजन गले से लिपट गए। मामला सिरदला बाजार निवासी रामचंद्र विश्वकर्मा की पुत्री गायत्री कुमारी का है। वह अपने ससुराल धनबाद शहर से अचानक 20 वर्ष पहले वर्ष 2000 में अपनी चार पुत्रियों सहित अन्य स्वजनों को छोड़ लापता हो गई थी। 
घर वालों ने खूब तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। 2 वर्ष तक दर-दर भटकने के बाद 29 जुलाई 2002 को गोरखपुर स्टेशन पर मानसिक विक्षिप्त रूप में गायत्री पर मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी संस्था के कर्मियों की नजर उस पर पड़ी। जिसके बाद चैरिटी के लोग उसे गोरखपुर स्थित अपने आश्रम में ले गए। जहां उसका इलाज शुरू किया गया। लेकिन, वह अपना नाम-पता बताने में असमर्थ थी। 

5 दिनों पूर्व काउंसलिग के दौरान उसने अपना नाम गायत्री और पता के रूप में बिहार राज्य के नवादा जिला स्थित सिरदला बताई। आश्रम प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि वह 20 वर्ष पूर्व धनबाद शहर से लापता हुई थी। पुलिस के माध्यम से फोटो भेजकर उनके मायके के स्वजनों से संपर्क साधा गया। स्वजनों ने पहचान कर ली। पहचान स्पष्ट होने के बाद संस्था के लोग उसे लेकर बताए गए पते पर मंगलवार को लेकर पहुंची। जैसे ही गायत्री के स्वजन आमने-सामने हुए सभी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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